पंजाब में सार्वजनिक समारोहों, धार्मिक स्थलों, शादी समारोहों और अन्य कार्यक्रमों में हथियार ले जाने और सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ सेल्फी व फोटो डालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा हुआ है।
गन कल्चर को लेकर सख्त हुई पंजाब सरकार ने शनिवार को कुछ नरम रुख दिखाया और लोगों से अपील की है कि वह अगले 72 घंटे में सोशल मीडिया पर अपलोड की गई, हथियारों संग फोटो और इससे जुड़ी अन्य आपत्तिजनक सामग्री को खुद ही हटा लें। इस अवधि के दौरान सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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मुख्यमंत्री के निर्देश का हवाला देते हुए पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने ट्वीट कर लिखा- सभी से अपील है कि अगले 72 घंटों में स्वेच्छा से अपने सोशल मीडिया हैंडल से आपत्तिजनक सामग्री को हटा दें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि पंजाब में अगले तीन दिन तक हथियारों के महिमा मंडन के लिए कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी ताकि लोग अपने दम पर सामग्री को हटा सकें।
पंजाब सरकार के इस फैसले को लोगों द्वारा उठाई जा रही आपत्तियों का परिणाम माना जा रहा है क्योंकि पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ भी गन कल्चर को बढ़ावा देने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर दीं, जिन्होंने कई साल पहले सोशल मीडिया पर किसी हथियार के साथ अपना फोटो अपलोड किया था। विवाद उस समय और गहरा गया जब तीन दिन पहले पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियार के साथ फोटो अपलोड करने वाले सात साल के बच्चे पर भी एफआईआर दर्ज कर दी।
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लोगों ने सरकार और पुलिस विभाग पर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि क्या इस संबंध में पुलिस ने लोगों को पहले से कोई चेतावनी दी है और पुरानी या नई फोटो व फोटो अपलोड करने के उद्देश्य को जाने बिना ही एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। लोगों में बढ़ते रोष को देखते हुए अब सरकार ने लोगों को अपने सोशल मीडिया खातों से हथियारों के साथ खिंचाए नए व पुराने फोटो हटाने के लिए 72 घंटे का समय दिया है।
गौरतलब है कि पंजाब पुलिस ने गन कल्चर के खिलाफ राज्य में 90 दिन की विशेष मुहिम चलाई हुई है। इसके तहत सोशल मीडिया भी पुलिस के निशाने पर है। अब तक 100 से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और कई लोगों के आर्म्स लाइसेंस रद्द और निलंबित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस के साइबर सेल की टीमें अपने इलाकों में ऐसे लोगों पर नजर रख रही है जोकि सोशल मीडिया पर गन कल्चर को प्रमोट करने वाली वीडियो या फोटो डाल रहे हैं।