बल्ले-बल्ले देखो झंडा चढ़ दा... जैसे जयकारों के साथ कई लाख संगत की मौजूदगी में सोमवार शाम 4.13 बजे दरबार साहिब स्थित झंडे जी का आरोहण किया गया। आरोहण के साथ ही दो बाज झंडे जी की परिक्रमा लेने पहुंचे।
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लगातार झंडे की परिक्रमा करते देखे गए दो बाज
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ड्रोन
- फोटो : amar ujala
दावा किया गया कि करीब छह लाख लोगों ने झंडे जी पर मत्था टेका और महंत देवेंद्र दास का आशीर्वाद लिया। सुरक्षा की दृष्टि से पहली बार 300 फीट ऊंचाई से ड्रोन से वीडियोग्राफी कराई गई।
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लाखों की संगत के सामने हुआ झंडे जी का आरोहण
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झंडे जी का आरोहण
- फोटो : AnilDogra/AmarUjala
झंडे जी के आरोहण के साथ ही आसमान में रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाए गए तो संगत ने एक-दूसरे को बधाई दी। इससे पहले सुबह आठ बजे से झंडे जी के पुराने गिलाफ उतारने शुरू कर दिए गए थे।
लाखों की संगत के सामने हुआ झंडे जी का आरोहण
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झंडे जी का आरोहण
- फोटो : AnilDogra/AmarUjala
दूध, दही, घी से झंडे जी का अभिषेक करने के पश्चात दोपहर एक बजे से नए गिलाफ चढ़ाने शुरू हुए। पहले सादे गिलाफ, फिर शनील के गिलाफ और अंत में दर्शनी गिलाफ चढ़ाए गए। करीब साढ़े तीन बजे महंत देवेंद्र दास लाखों की संख्या में उपस्थित संगत के बीच आए।
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लाखों की संगत के सामने हुआ झंडे जी का आरोहण
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झंडे जी का आरोहण
- फोटो : AnilDogra/AmarUjala
झंडे जी के पास खड़े होकर उन्होंने झंडे जी को उठाने के निर्देश दिए। इसके बाद संगत ने झंडे जी का आरोहण किया। शाम 4.13 बजे झंडे जी का आरोहण कर दिया गया। इसी के साथ ही दो बाज लगातार झंडे जी की परिक्रमा करते देखे गए।
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लाखों की संगत के सामने हुआ झंडे जी का आरोहण
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झंडे जी का आरोहण
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सुरक्षा की दृष्टि से पहली बार ड्रोन (हैलीकैम) लाया गया था, जो करीब 300 फीट ऊपर से कभी दरबार साहिब का चक्कर काटता तो कभी झंडे जी का, कभी आगे की ओर घूमता तो कभी पीछे की ओर। संगत के लिए ड्रोन आकर्षण का केंद्र बना था।
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लाखों की संगत के सामने हुआ झंडे जी का आरोहण
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झंडे जी का आरोहण
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प्रोजेक्टर से देखा गय आरोहण के समय झंडे जी के सामने का हिस्सा संगत से फुल हो चुका था।
लाखों की संगत के सामने हुआ झंडे जी का आरोहण
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झंडे जी का आरोहण
- फोटो : AnilDogra/AmarUjala
इस संगत के लिए प्रोजेक्टर लगाया गया, जिसके माध्यम से झंडे जी के पास होने वाली पल-पल की गतिविधि संगत देख रही थी।