प्रधानमंत्री के आगमन पर जुलाई में बनारस की जिन सड़कों को मरम्मत कर चमकाया गया था, एक माह बाद ही उनमें बड़े-बड़े गड्ढे नजर आ रहे हैं। बारिश से पहले प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मोर्य के आदेश को भी ये गड्ढे ठेंगा दिखा रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : amar ujala
पैचवर्क के एक महीने में ही सड़कों का इस तरह टूट जाना काम में भ्रष्टाचार के संकेत भी दे रहा है। बारिश और इन सड़कों से बेरोक-टोक गुजरने वाले भारी वाहनों ने हालत और दयनीय कर दी है। गत 14 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए थे। तब सभी प्रमुख सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया गया था। मगर अब हालत यह है कि खुद ट्रैफिक पुलिस ने ही रविवार को सड़कों पर ऐसे 21 स्थान चिह्नित किए, जहां गड्ढे यातायात व्यवस्था के लिए खतरनाक बन गए हैं।
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चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे के बाद कैंट से लहरतारा मार्ग पूरी तरह से बंद है। इस ओर जाने वाले वाहन अब कैंट से इंग्लिशिया लाइन, चंदुआ सट्टी, सिगरा, महमूरगंज, रथयात्रा, मंडुवाडीह होते हुए लहरतारा होकर जा रहे हैं। इस मार्ग की हालत इन दिनों सबसे अधिक खराब है। हर दो कदम पर दो से चार गड्ढे हैं।
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शहर में चेतगंज, पान दरीबा, हबीबपुरा, मलदहिया, सिगरा, महमूरगंज, मंडुवाडीह, सामनेघाट, भिखारीपुर, डीएलडब्ल्यू, बेनियाबाग, गिरजाघर, लक्सा, गुरुबाग, रथयात्रा, कज्जाकपुरा, आशापुर, पांडेयपुर, औरंगाबाद, फातमान आदि इलाकों की सड़कें खस्ताहाल हैं।
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मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल का कहना है कि सड़कों की स्थिति पर संबंधित एजेंसियों से जवाब तलब किया जाएगा। मंगलवार को उन्हें बुलाकर पूछा जाएगा कि सड़कों की हालत ऐसी क्यों हुई।
पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता ज्ञानेंद्र प्रताप पांडेय का कहना है कि सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान चल रहा है। कुछ सड़कों पर सीवर, पेयजल, बिजली के काम चल रहे हैं। इस नाते रीकार्पेटिंग का काम अभी नहीं होगा। जनता की दिक्कतों को देखते हुए पैचवर्क कर इन्हें गडढामुक्त कराएंगे। वहीं नगर निगम के मुख्य अभियंता कुलभूषण वार्ष्णेय का कहना है कि कुलभूषण वार्ष्णेय बारिश में सड़कों के छोटे गड्ढे भरवाये जा रहे हैं। बारिश के बाद सड़कों की बेहतर ढंग से मरम्मत कराई जाएगी।