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वाराणसी: घर छोड़ राहत शिविरों में रहने को मजबूर बाढ़ पीड़ित, प्रशासन की अधूरी तैयारियों से दवा और खाने की समस्या

Mon, 09 Aug 2021 12:39 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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सरैया में बाढ़, मदरसा स्थित राहत शिविर में लोग। - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में आधा दर्जन से अधिक बाढ़ राहत शिविरों में कहीं व्यवस्था हाईफाई मिल रही है तो, कही पीड़ितों को ठीक से भोजन और दवाई नहीं मिल रही है। कुछ ऐसा ही हाल सरैया इलाके में देखने को मिला। बाढ़ राहत शिविर में पुराने पुल और आसपास के इलाके वरुणा नदी के किनारे बसे लोगों बीते छह अगस्त से शरण लिए हुए हैं।

अस्सी, लंका, दुर्गाकुंड सहित आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए रविंद्रपुरी स्थित गोपी राधा बालिका इंटर कॉलेज, गोयनका संस्कृत विद्यालय में राहत शिविर बनाया गया है। वर्तमान में गोयनका संस्कृत विद्यालय में बने राहत शिविर में सात परिवार रह रहे हैं। विद्यालय के एक कमरे में बने राहत शिविर में चार परिवार एक साथ रह रहे हैं। तो वहीं परिसर के निर्माणाधीन इमारत में बने राहत शिविर में रहने वाले परिवारों को गद्दा तक मुहैया नहीं कराया गया है। देखें अगली स्लाइड्स...
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सरैया इलाक में घरों में घुसने लगा बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला
इमारत के कमरों व गलियारों में छड़ व बांस बल्ली बिखरी हुई है। उबड़-खाबड़ व गिट्टी की फर्श पर लोग चादर बिछाकर समय काट रहे हैं। विद्यालय परिसर में जमी घास लोगों के लिए समस्या का कारण बनी हुई है। हालांकि विद्यालय परिसर में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव तो किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर परिसर में आवारा जानवरों की रोक के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
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सरैया स्थित मदरसा इस्लामिया को राहत सिविर बनाने के बाद रूके बाड़ग्रस्त क्षेत्र से आए लोग। - फोटो : अमर उजाला
बच्चों को न मिल रहा दूध, न ही दवाई
सरैयां के मदरसा इस्लामिया में करीब 12 परिवारों में 80 से 90 लोग रह रहे हैं। जिसमें 30 बच्चे भी हैं। मुहम्मद मुश्ताक ने बताया कि हम छह अगस्त से मदरसे में रह रहे हैं। खाने के लिए सिर्फ खिचड़ी और दो रुपये पैकेट वाला बिस्किट खाने को मिल रहा है। बच्चों के दूध और दवा की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। विद्यालय के शिक्षा मित्र आफताब आलम ने बताया कि मेडिकल की अभी तक कोई सुविधा नहीं मिली। इधर ढेलवरिया के प्राथमिक विद्यालय में 17 परिवार के 85 बाढ़ पीड़ितों को बाकी शिविरों से बेहतर सुविधा मिली। बड़ी बाजार के माता प्रसाद विद्यालय, नवयुग विद्या मंदिर और बड़ादेव मंदिर के पास बने शिविर में दोपहर एक बजे तक खाने पीने की कोई सामग्री नहीं मिली थी।

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बाढ़ का पानी घर की पहली मंजिल तक पहुंच गया है, बच्चों की परीक्षाएं चल रही है, जिसके कारण आने जाने में समस्या हो रही थी। सामान छत पर रखकर राहत शिविर में रहने आए है। - कमलावती
बाढ़ की वजह से काफी नुकसान हुआ है, पानी घर में घुसने से बहुत सारा सामान खराब हो गया है। सामान इकठ्ठा कर दूसरे के घर में रखकर तब राहत शिविर में आए हैं। - नीलम देवी
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झुलसी महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
खिचड़ी बनाने में झुलसी तीन महिलाएं
सरैयां प्राथमिक विद्यालय में सदर तहसील की ओर से बनाए गए राहत शिविर में 24 परिवार के 135 लोग रहे हैं। जहां खिचड़ी बनाते वक्त रविवार को तीन महिलाएं खालिदा बेगम(38), सरसरी देवी(48) बुधना देवी झुलस गईं। 55 वर्षीय अनवरी ने बताया कि गैस की पाइप खुलने से हादसा हुआ था। जिसमें तीन लोग झुलस गई। उन्हें स्वास्थ्य विभाग से कोई उपचार नहीं मिला। मेडिकल सुविधा नहीं मिली तो इन्होने चेहरे पर टूथपेस्ट का लेप लगाकर जलन से राहत पाई।
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