भादो की अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र में रात 12 बजे काशी के घर और मंदिर घंटा-घड़ियाल से गूंज उठे। घरों में मंगल गीत और सोहर बजने लगे। अर्चकों ने महाआरती उतारी। रिम-झिम बारिश के बीच मंदिरों में नंद के घर में जन्मे कान्हा के स्वरूप को निहारने के लिए भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। झांकियों में सजे नंद के घर का नजारा देखकर श्रद्धालु निहाल हो उठे। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : amar ujala
कान्हा के जन्मोत्सव की खुशी में शिव की नगरी काशी नंदगांव में सजी-धजी नजर आई। करौंदा, अशोक की टहनियों, पत्तियों से नंदगांव की सजावट ने हर किसी का ध्यान खींचा। जन्मोत्सव के बाद जय कन्हैया लाल की हाथी घोड़ा पालकी... के गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे।
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में लक्ष्मीनारायण के दरबार में कन्हाई जनम लिए। गुलाब, रजनीगंधा और बेला के फूलों के वंदनवारों से परिक्रमा पथ के सभी विग्रहों का शृंगार किया गया था। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया।
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अन्नपूर्णा मंदिर, दुर्गा मंदिर समेत शहर के सभी मंदिरों में कान्हा के जन्मोत्सव की धूम रही। मध्यरात्रि के बाद पट खुलते ही बधाई बजने लगी। धर्मसंघ शिक्षा मंडल का प्रांगण भी जय कन्हैया लाल के जयघोष से गूंज उठा। 21 कुंतल मेवा युक्त हलवा के अलावा 101 तरह के व्यंजनों का भोग भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित किया गया। शाम को भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देख श्रद्धालु भी मगन हो उठे। मध्यरात्रि में पंचामृत से स्नान के बाद भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ और फिर भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया।
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गुरुधाम स्थित इस्कान मंदिर में जन्मोत्सव सोमवार को होगा लेकिन नंद-गोपाल की झांकी रविवार की शाम छह बजे ही खोल दी गई। इसी के साथ दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। कलाकारों ने भजनों की ऐसी प्रस्तुति की कि लोग झूमने लगे। अक्षय वट हनुमान मंदिर में कान्हा के प्राकट्य की झांकी यादगार रही। महंत नील मिश्र और बच्चा पाठक ने महाआरती की। कश्मीरीगंज स्थित राम मंदिर को फूलों, पत्तियों और झालरों से सजाया गया है। शिव साई मंदिर बेनीपुर के अलावा शहर के अन्य मंदिरों में कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी सजाई गई।
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लक्सा स्थित श्याम मंदिर में कान्हा के जन्म पर मक्खन, मिश्री का भोग लगाया गया। भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया। कोलकाता से आए कारीगरों द्वारा मंदिर में प्रभु की मनोहर झांकी सजाई गई। श्याम मंडल की ओर से भजन कीर्तन पर देर रात तक श्रद्धालु झूमते रहे।
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महामना की बगिया में रविवार को जन्माष्टमी की रौनक नजर आई। छात्रावासों में कृष्ण की बाल लीला से लेकर, कृष्ण की रास लीला के मनमोहक दृश्य सजाए गए थे, जिसे देखने के लिए देर रात तक लोग आते रहे। छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह से नंदलाला का जन्मोत्सव मनाया। रुइया हॉस्टल में मदन मोहन मालवीय के रूप में बैठे छात्र के साथ ही कंस दरबार, कारागार में कृष्ण के जन्म के साथ ही राधा-कृष्ण के झूले की झांकी लोगों को अपनी ओर खींच रही थी।
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वहीं महिला महाविद्यालय में कृष्ण लीला, वृंदावन में कृष्ण की बांसुरी की धुन पर झूमती गोपियों की झांकी आकर्षण का केंद्र रहीं। उधर, एलबीएस हॉस्टल, ब्रोचा हॉस्टल में छात्रों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति से समां बांध दिया। छात्र अधिष्ठाता प्रोफेसर एमके सिंह, चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर रोयाना सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने छात्रावासों में पहुंचकर सभी का उत्साह बढ़ाया। विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी परिवार के साथ झांकियों को देखने पहुंचे। जन्म के अवसर पर भक्तों में तरह-तरह के प्रसाद वितरित हुए।
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पुलिस लाइन और जिले के 25 थानों पर रविवार की रात उल्लासपूर्वक जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया। जन्माष्टमी के मद्देनजर पुलिस लाइन और सभी थानों की साफ सफाई कर झांकियां सजाई गई थी और बिजली के झालरों की सजावट की गई थी। इस दौरान पुलिस लाइन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और आधी रात बाद तक भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा।
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पुलिस लाइन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों ने मौजूद लोगों का मन मोह लिया। इस दौरान एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री, आईजी रेंज विजय सिंह मीना, एसएसपी आनंद कुलकर्णी, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, एसपी ग्रामीण अमित कुमार, आरआई टीपी द्विवेदी सहित अन्य सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
भुल्लनपुर स्थित 34वीं वाहिनी और रामनगर स्थित 36वीं वाहिनी पीएसी में भी जन्माष्टमी का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ झांकियां स्थापित कर मनाया गया। इसी तरह सेंट्रल और जिला जेल में भी जन्माष्टमी का कार्यक्रम आयोजित कर बंदियों को खीर और पूड़ी खिलाई गई।