काशीपुराधिपति का दरबार भक्तों के लिए सजधज कर तैयार हो गया है। आज से शिव भक्त रेड कार्पेट से होकर बाबा के दरबार में पहुंचेंगे। इसके लिए बैरिकेडिंग कर रेड कार्पेट बिछाई गई है। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी गौरांग राठी ने रविवार को व्यवस्थाओं का जायजा ले लिया है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए तीन अलग-अलग मार्ग तैयार किए गए हैं। मैदागिन की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को गेट नंबर-4 के पांचों पांडव प्रवेश द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। यहां से श्रद्धालु रानी भवानी मंदिर होते हुए गर्भ गृह के पूर्वी द्वार पर दर्शन करेंगे और दूसरे मार्ग से बाहर आएंगे। दूसरा मार्ग छता द्वार होगा।
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श्रद्धालु बद्रीनाथ प्रवेश द्वार से प्रवेश करते हुए गर्भगृह के उत्तरी दरवाजे पर दर्शन करेंगे और श्रृंगार गौरी की तरफ से वापस आएंगे। तीसरे मार्ग बांस फाटक से आने वाले श्रद्धालु ढुंढिराज गणेश, अन्नपूर्णा मंदिर होते हुए मुक्तेश्वर द्वार से प्रवेश करेंगे और गर्भगृह के दक्षिणी दरवाजे पर बाबा के दर्शन कर हनुमान मंदिर द्वार से होते हुए नंदू फारिया गली से बाहर निकलेंगे।
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तीनों मार्गों के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए सभी श्रद्धालुओं को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही सोशल डिस्टेनसिंग का पालन करना होगा।
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मंदिर में न लेकर आएं इलेक्ट्रानिक उपकरण
कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल, पेन, घड़ी, पेन ड्राइव आदि लेकर मंदिर में न आएं। इससे दर्शन में परेशानी होगी। साथ ही मंदिर परिसर में विग्रह, दीवार या रेलिंग को स्पर्श करने से बचें।
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हर छह घंटे पर होगा सैनिटाइजेशन
मंदिर परिसर को हर छह घंटे पर सैनिटाइज किया जाएगा। आपात स्थिति के लिए चिकित्सक और एनडीआरएफ की टीम भी तैनात रहेगी। पेयजल की भी व्यवस्था होगी। खोया पाया केंद्र पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय भी बनवाया गया है।
काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में रखा जा रहा सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल।
- फोटो : अमर उजाला।
इस बार मंदिर परिसर के अलावा स्मार्ट सिटी के सौजन्य से शहर के 9 यूनिपोल पर बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन कराने की तैयारी की गई है। मैदागिन की ओर से आने वाली दर्शनार्थियों की भीड़ पांच पांडव प्रवेश द्वार से होते हुए रानी भवानी उत्तरी से जाकर मंदिर के गर्भ गृह के पूर्वी गेट पर झांकी दर्शन करते हुए जल चढ़ा सकेंगे।