काशी की गलियों में निकले भगवान जगन्नाथ
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शनिवार को 222 साल की परंपरा के अनुसार शाम 3:30 बजे भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र को डोली में विराजमान कराया गया। घड़ी में जैसे ही चार बजे तो भक्तों ने अपने कांधे पर डोली उठाई। जय-जय जगन्नाथ के जयकारे के साथ भगवान की डोली यात्रा निकल पड़ी। भगवान की डोली पर फूल बरसाते भक्तों की टोली, डमरू की निनाद पर थिरकते कदम, आंखों में 13 दिनों के इंतजार के बाद भगवान के दर्शन की आस लिए भक्तों की टोली यात्रा से जुड़ती चली गई। भगवान जगन्नाथ की डोली के साथ चल रहे भक्त हर-हर महादेव, राधे कृष्णा, भगवान जगन्नाथ की जय के नारे लगा रहे थे।