विकास कार्यो की हकीकत जानने शनिवार को वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर विकास कार्यो की हकीकत जानी। जगह-जगह गडढ़े और हिचकोले खाते जब वे पहुंचे तो उन्होंने मौके पर मौजूद सभी अधिकारियों की जमकर क्लास ली। मुख्यमंत्री बनने के बाद सीएम योगी 29वीं बार वाराणसी के दौरे पर आए। अभी कुछ हफ्ते पहले पीएम मोदी ने भी रात में भ्रमण कर अपने संसदीय क्षेत्र में हो रहे विकास को देखा था। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें....
विज्ञापन
2 of 6
cm yogi
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी को लंबे समय से विकास की उम्मीद थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण उसी अनुरूप विकास दिखाई देता है। प्रधानमंत्री के आगामी दौरे में रिंग रोड, वाराणसी सुल्तानपुर फोरलेन और एसटीपी का लोकार्पण कराया जाएगा। इसके अलावा रिंग रोड से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास होगा। देश और दुनिया के शहरों के माध्यम से काशी की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, धार्मिक पहचान को विकसित किया जा रहा है।
विज्ञापन
3 of 6
cm yogi
- फोटो : amar ujala
स्थान: रिंग रोड फेज-1, ऐढ़े
समय--10:20 बजे
मुख्यमंत्री का काफिला लमही गांव से आगे निकलकर ऐढ़े के पास रुका। वाराणसी-सुल्तानपुर सड़क की धीमी प्रगति पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की। रिंग रोड के किनारे जमीन के नोटिफिकेशन करने की बात अधिकारियों से कही। इसके अलावा निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। इस कार्य को पूरा करने के लिए 30 सितंबर तक की समयसीमा तय की।
4 of 6
cm yogi
- फोटो : amar ujala
स्थान: गोइठहां एसटीपी
समय: 10:35 बजे
एसटीपी पहुंचते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हेलमेट पहना और सीधे ऊपरी मंजिल पर पहुंचे। वहां अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद एसटीपी को 30 सितंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक गंगा की अविरलता, निर्मलता को लेकर अभियान चल रहा है। सालिड, लिक्विड वेस्ट गंगा में न गिरे इसके लिए परियोजना के तहत काम चल रहा है।
विज्ञापन
5 of 6
cm yogi
- फोटो : amar ujala
स्थान: सारनाथ म्यूजियम
समय: 11:04 बजे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार की रात सारनाथ स्थित पुरातात्विक संग्रहालय पहुंचे। उन्होंने फसाड लाइट में रोशन म्यूजियम को देखा। थोड़ी देर कैंपस में रुके और अधिकारियों से मंत्रणा की। साथ ही लाइटिंग और कैंपस को और बेहतर बनाने का सुझाव दिया।
सड़क किनारे लगे रहे ठेले
- मुख्यमंत्री के आगमन की तमाम तैयारियों के बावजूद म्यूजियम के सामने सड़कों पर लगे ठेले जस के तस वहीं खड़े रहे। सुरक्षा की दृष्टिकोण इस पर कोई ध्यान नही दिया गया।
- फसाड लाइट में चमचमाते म्यूजियम के बगल स्थित खंडहर परिसर और चौखंडी स्तूप अंधेरे में डूबा रहा। यहां लगी तमाम फोकस लाइटें बंद रही जिसकी वजह समझ में नही आई।