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बारिश, बाढ़ के बाद अब आंसू का सैलाब: बिन मौसम बरसात और बाढ़ से सब बर्बाद, पानी में डूब गए बेटी-बेटे के ब्याह के अरमान

Sat, 23 Oct 2021 03:59 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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आफत की बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
चार दिन पहले बिना मौसम हुई बारिश और उसके बाद कोसी नदी की बाढ़ अपने साथ तमाम किसानों के अरमान भी बहा ले गई। बेबस किसान इस आपदा में बर्बाद हुई फसल को कभी निहारता है तो कभी अपनी किस्मत को कोसता है। ऐसा हो भी क्यों नहीं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर दवाई तक, मकान से लेकर शादी, ब्याह व तीज त्योहार तक का दारोमदार उसकी फसल पर ही जो टिका होता है। पानी में डूब कर बर्बाद हो चुकी फसल से कुछ खाने के दाने हाथ लगने की आस में आंख में आंसू लिए किसान जद्दोजहद में जुटा हुआ है।

मूंढापांडे टोल प्लाजा से थोड़ी दूर स्थित ग्राम पंचायत इकटोरिया निवासी वृद्ध किसान रईस अहमद हाईवे किनारे बारिश और उसके बाद आई बाढ़ में डूब कर सड़ रही धान की फसल में से कुछ खाने भर के दाने हाथ लग जाने की उम्मीद में दिखे।

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flood moradabad - फोटो : अमर उजाला
रईस अहमद अपने मझले बेटे जीशान और छोटे बेटे आयत के साथ घुटने तक पानी में डूबी धान की फसल को काट कर खेत में रखी चारपाई और हाईवे किनारे पटरी पर सूखने के लिए रखने में जुटे थे। चार-बेटे व तीन बेटियों वाले भरे-पूरे परिवार की सारी जरूरतें दस बीघा खेत से पूरी होती हैं। पानी में डूबी फसल को काटते समय किसान रईस अहमद के आंसू बह रहे थे।
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flood moradabad - फोटो : अमर उजाला
रईस अहमद ने रुंधे गले से बताया कि इसी फसल की उम्मीद पर उसने अपनी दो बेटियों का ब्याह तय कर दिया था। 12 नवंबर को दोनों बेटियों की एक साथ बरात घर आनी है। पूरे दस बीघा में धान की फसल बोई थी। परिवार के सभी लोगों ने मिल कर काफी मेहनत की थी। फसल भी बहुत अच्छी थी।

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flood moradabad - फोटो : अमर उजाला
पांच दिन पहले धान की कटाई शुरू की थी। लेकिन उसके अगले दिन ही बारिश शुरू हो गई जो दो दिन तक जारी रही। बारिश बंद होने के बाद वह कटी फसल के बारे में कुछ सोचते इससे पहले कोसी की बाढ़ का पानी खेतों में भर गया। लिहाजा जो फसल कटी थी या फिर जो खेत में खड़ी थी वह सारी डूब कर नष्ट हो गई।
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flood moradabad - फोटो : अमर उजाला
रईस ने बताया कि किसान सम्मान निधि का उन्हें दो हजार रुपये मिलता है, लेकिन उससे कुछ काम नहीं होने वाला। फसल बीमा के बारे में रईस कुछ भी नहीं जानते। रईस ने बताया कि हाईवे किनारे स्थित उनके खेत में खड़ी बर्बाद फसल की क्षति का आकलन करने अब तक तहसील प्रशासन की ओर से कोई भी नहीं आ सका है।
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