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तस्वीरें: डेढ़ लाख का भाला दिलाने में असमर्थ थे पिता, फिर बेटी अन्नू ने रचा इतिहास, पढ़ें गांव से टोक्यो ओलंपिक तक की कहानी

Wed, 30 Jun 2021 06:26 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज, अमर उजाला, वाहिद अली, मेरठ
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मेरठ की अन्नू रानी। - फोटो : amar ujala
मेरठ के बहादरपुर गांव की चकरोड से निकलकर अन्नू रानी अब टोक्यो ओलंपिक के लिए रवाना होंगी। 12 साल के खेल कॅरियर में आर्थिक समस्याओं को दरकिनार कर अन्नू ने लाजवाब प्रदर्शन किया। हाल ही में 63.24 मीटर भाला फेंककर नेशनल रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जहां वह मात्र .77 मीटर से ओलंपिक क्वालिफाई करने से चूक गई थीं। लेकिन वर्ल्ड रैंकिंग के आधार पर ओलंपिक में शामिल होने का गौरव हासिल हुआ।

किसान अमरपाल सिंह के घर 28 अगस्त 1992 को जन्मीं अन्नू रानी पांच बहन-भाइयों में सबसे छोटी है। अमरपाल सिंह ने बताया उनका भतीजा लाल बहादुर व बेटा उपेंद्र अच्छे धावक रहे हैं। वह खुद शॉटपुट खिलाड़ी रह चुके हैं। पिता की प्रेरणा से अन्नू रानी ने खेल के मैदान पर कदम रखा। वह गांव की चकरोड और दबथुआ कॉलेज में अभ्यास करती थीं। शुरुआत में भाला फेंक के साथ गोला फेंक और चक्का फेंक में अभ्यास करती थीं।

25 सौ रुपये में दिलाया पहला भाला
अमरपाल सिंह बताते हैं कि वह डेढ़ लाख रुपये का भाला दिलाने में असमर्थ थे, अन्नू को पहला भाला 25 सौ रुपये में दिलाया था। मेरठ की एटीई निदेशक आदर्श आनंद ने भाले स्पांसर किए। जिसके बाद अन्नू ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक कामयाबी हासिल की। माता मुन्नी देवी ने खुशी जताई। पिता ने कहा उनकी बेटी ओलंपिक में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेगी।
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मेरठ की अन्नू रानी - फोटो : amar ujala
कद छोटा, लेकिन हौसला सबसे बड़ा
अन्नू रानी का कद करीब साढ़े पांच फीट है। जबकि विदेशी महिला खिलाड़ियों का कद छह फीट से भी ऊपर है।
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मेरठ की अन्नू रानी - फोटो : amar ujala
अन्नू रानी ने बताया कि भाला फेंक में दुनिया की सबसे छोटे कद की खिलाड़ी हैं। इसके बावजूद वर्ल्ड चैंपियनशिप में चेक रिपब्लिक की ओलंपियन खिलाड़ी बाराबोरा को हराया। जिसका कद छह फिट दो इंच था। इसके अलावा अन्य देशों की भाला फेंक खिलाड़ियों का कद छह फिट या उससे ऊपर है।

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मेरठ की अन्नू रानी - फोटो : amar ujala
खेल बदला तो बदल गई जिंदगी
गुरुकुल प्रभात आश्रम के स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने उन्हें 2010 में डिस्कस व गोला फेंक के बजाए भाला फेंक पर फोकस करने की सलाह दी। खेल बदलते ही अन्नू रानी की जिंदगी बदल गई। अभी तक वह भाला फेंक में एक से बड़ी एक कामयाबी हासिल कर चुकी हैं।
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मेरठ की अन्नू रानी - फोटो : amar ujala
अन्नू रानी की खास उपलब्धियां
- 2014 एशियाई गेम्स में कांस्य
- 2015 में एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य
- 2017 में एशियाई चैंपियनशिप में रजत
- 2014 कामनवेल्थ गेम्स में प्रतिभाग
- वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में फाइनल में जगह पक्की करने वाली पहली भारतीय बनीं
- आठ बार की राष्ट्रीय रिकॉर्ड होल्डर एथलीट
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