फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेटी पर गर्व: सोने सी चमकीं पारुल, मां हुई भावुक, कही दिल को छूने वाली बात, ढोल-नगाड़ों पर झूम रहा पूरा गांव

Tue, 03 Oct 2023 07:50 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

बेटी पर गर्व: सोने सी चमकीं पारुल, ढोल-नगाड़ों पर झूम रहा पूरा गांव, मां हुई भावुक, कही दिल को छूने वाली बात
विज्ञापन
1 of 8
खुशी मनाता पारुल चौधरी का परिवार। - फोटो : अमर उजाला
चीन में आयोजित एशियाई गेम्स के ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में रजत पदक जीतने वाली पारुल चौधरी ने 24 घंटे में चांदी के बाद सोना जीतकर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। पारुल ने पांच हजार मीटर महिलाओं की दौड़ में भारत के लिए पहली बार सोना जीता। पारुल की इस कामयाबी से परिजनों में हर्ष का माहौल है।

वहीं, ग्रामीणों ने पारुल के घर पहुंचकर परिजनों को बधाई दी।
विज्ञापन

2 of 8
पारुल चौधरी के परिजनों को मिठाई खिलाते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
दौराला ब्लॉक के छोटे से गांव इकलौता की रहने वाली किसान की बेटी पारुल चौधरी ने 24 घंटे में भारत के लिए दो पदक जीते हैं। सोमवार को पारुल ने चांदी जीती तो दूसरे दिन मंगलवार को महिलाओं की पांच हजार मीटर दौड़ में पहली बार भारत के लिए सोना लाकर इतिहास रच दिया।
विज्ञापन

3 of 8
फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
जैसे ही परिजनों को पारुल के स्वर्ण पदक जीतने की जानकारी हुई तो परिजनों में खुशी का माहौल हो गया। ग्रामीण ढोल नगाड़े लेकर पारुल के पिता कृष्णपाल व परिजनों को बधाई देने पहुंचे। ग्रामीणों ने पारुल के परिजनों को मिठाई खिलाकर बधाई दी।

4 of 8
फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
प्रधान जान धनकड़ का कहना है कि पारुल ने गांव, जिले, प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है। पारुल चौधरी के घर जश्न का माहौल बना हुआ है। 
विज्ञापन

5 of 8
फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
मां बोली- बेटी ने किया गर्व से सिर ऊंचा
पारुल ने देश को रजत पदक दिलाया और अगले दिन स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। बेटी की इस कामयाबी पर मां राजेश देवी की आंखें भर आईं। मां राजेश देवी ने बताया कि उन्होंने शुरू से ही बेटों और बेटियों में कोई अंतर नहीं समझा।
विज्ञापन

6 of 8
फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
पिता कृष्णपाल व उन्होंने बच्चों को अच्छी परवरिश दी और हमेशा देश का नाम रोशन करने की सीख दी। आज उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है, जिसने उनके साथ देश का नाम भी रोशन किया। उन्होंने दूसरे अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वह भी बेटियों को आगे बढ़ने का मौका दें। बेटियां किसी भी वर्ग में लड़कों से कम नहीं है। आज बेटियां देश का सीना गर्व से चौड़ा कर रही हैं।
विज्ञापन

7 of 8
पारुल चौधरी की मां और परिवार के अन्य सदस्य। - फोटो : अमर उजाला
पिता बोले- बेटी की मेहनत लाई रंग
पिता कृष्णपाल का कहना है कि इस दिन के लिए बेटी ने कड़ा अभ्यास किया। 24 घंटे में दो पदक जीतकर उसने देश का नाम रोशन किया। बेटी की मेहनत रंग लाई। अब उन्हें उस दिन का इंतजार है जब उनकी बेटी ओलंपिक में देश के लिए सोना लेकर आएगी। उन्हें यकीन है कि उनकी बेटी यह कर दिखाएगी।
विज्ञापन

8 of 8
फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
बेटी की इस कामयाबी पर ग्रामीणों के साथ रिश्तेदारों ने फोन पर उन्हें बधाई दी। कहा कि अच्छा लगता है कि जब बच्चे कामयाब हो जाते हैं। वैसे तो बच्चों को पिता के नाम से जाना जाता है, लेकिन उस समय सिर गर्व से और ऊंचा हो जाता है, जब पिता को उनके बच्चों के नाम से पहचाना जाता है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें