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UP: 'नमाज पढ़ रही थीं, तभी घर में भरा धुएं का गुबार', नाजिश और जकिया ने बताई मेरठ अग्निकांड की पूरी कहानी

Wed, 25 Feb 2026 11:22 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut Fire Accident: मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवईनगर इस्लामाबाद में कपड़ा कारोबारी इकबाल के मकान में लगी आग में झुलसने व दम घुटने से उनके बेटे आसिम की पत्नी रुखसार पांच बच्चों की मौत से मातम पसरा है। आग में झुलसी इकबाल के बड़े बेटे फारूक की पत्नी नाजिश और बेटी जकिया ने पूरी कहानी बताई है।
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Meerut fire incident - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मेरठ के कपड़ा कारोबारी इकबाल के मकान में आग के दौरान मौजूद रहे इकबाल के बड़े बेटे फारूक की पत्नी नाजिश और बेटी जकिया ने दहशत में गुजरे पलों की दास्तां बयां की। उन्होंने बताया कि परिवार की सभी महिलाएं मकान की प्रथम मंजिल के कमरे में नमाज पढ़ रहीं थीं, तभी कुछ ही देर में मकान में आग लग गई और घर में धुएं का गुबार भर गया। बचाव के लिए पहुंचे लोगों की मदद से वह घर से बाहर निकल आईं।

उन्होंने वहां से गुजर रहे बाइक सवार दो लोगों को रोका और उनसे मदद मांगी। इसके बाद बाइक सवारों ने भी शोर मचाया तो अन्य लोग बचाव के लिए दौड़ पड़े। मकान में फंसी जकिया ने बताया कि वह भी नमाज पढ़ रहीं थीं।
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आग में झुलसी नाजिश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने खुद को परिवार के बच्चों को बचाने का प्रयास किया। इस प्रयास में वह भी मकान में फंस गईं। इससे उनके हाथ और पैर भी झुलस गए। बाद में उन्हें लोगों की मदद से छत के रास्ते बाहर निकाला गया।

 
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महिला और तीन बच्चों के एक साथ उठे जनाजे में शामिल आसपास के लोग व परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहले बच्चों को लेकर नीचे फिर दूसरी मंजिल पहुंची रुखसार
नाजिश ने बताया कि रुखसार पहले बच्चों की जान बचाने के लिए नीचे की ओर भागी, जबकि अन्य लोग दूसरी मंजिल पर ही थे। नीचे आग और धुएं का गुबार देखकर फिर वह बच्चों को लेकर दूसरी मंजिल पर चली गई। उसने बच्चों को बचाने के लिए कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। इससे कमरे में धुआं भर गया।

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मृतक बच्चे और महिला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अमीर बानो पूछती रही कहां हैं सभी लोग
पीड़ित परिवार ने बताया कि मकान में मौजूद आसिम की मां अमीर बानो धुएं के कारण बेसुध हो गई थीं। उन्हें भी वहां से निकालकर राजधानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 
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महिला और तीन बच्चों के एक साथ उठे जनाजे में शामिल आसपास के लोग व परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आसिम ने बताया कि उनकी मां का अभी उपचार चल रहा है। इसलिए दूसरे दिन भी उन्हें यह नहीं बताया कि आगजनी में परिवार के छह लोगों की जान चली गई है। हालांकि उन्होंने बताया कि वह उनसे मिलने गए तो पूछने लगीं कि परिवार के सभी लोग कहां है। अकदस को लेकर क्यों नहीं आया।
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महिला और तीन बच्चों के एक साथ उठे जनाजे में शामिल आसपास के लोग व परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तंग गली में पांच मंजिला कॉम्प्लेक्स निर्माण पर सवाल, जिम्मेदार बेपरवाह
मेरठ के लोहियानगर में सोमवार को अग्निकांड में पांच बच्चों और एक महिला की मृत्यु के बाद भी विकास प्राधिकरण ने सबक नहीं लिया। शहर की तंग गलियों में अवैध रूप से बेसमेंट व निर्माण कार्य चल रहा हैं। शिकायत के बावजूद भी विभागीय कार्रवाई नहीं हो रही हैं। 
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महिला और तीन बच्चों के एक साथ उठे जनाजे में शामिल आसपास के लोग व परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कोतवाली लाला का बाजार में तंग गली में अवैध रूप से बेसमेंट खोदकर 5 मंजिला व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा हैं। बिल्डर नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य को अंजाम दे रहे हैं। तंग गली में बड़े व्यावसायिक भवन का निर्माण होने से स्थानीय लोगों ने विकास प्राधिकरण शिकायत की हैं। जोनल अधिकारी अर्पित यादव का कहना है कि जांच कराई जाएगी। 

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परिवार को बचाने के लिए लोगों द्वारा लगाई गई थी सीढ़ी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भीतरी इलाकों में बिजली तारों का जाल विभाग के लिए बनी चुनौती
महानगर के भीतरी इलाके आज भी विद्युत विभाग के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। संकरी गलियों में खंभों पर लटके तारों के जाल हादसों का कारण बन रहे हैं। इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी भी हो रही है। नंगे तारों के स्थान पर विद्युत विभाग एरियल बंच्ड केबल्स (एबीसी) तार लगवा रहा है। 

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छह की मौत के बाद प्रशासन ने मकान में लगाई सील - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इन केबल के लगने से शॉर्ट सर्किट और आग लगने के खतरे बहुत कम हो जाते हैं। ओवरलोडिंग रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीटरों को तेजी से स्मार्ट मीटर में बदला जा रहा है। विद्युत निगम के मुख्य अभियान मेरठ जोन-1 के मुनीश चोपड़ा ने बताया कि नंगे तारों के स्थान पर सुरक्षित एबीसी केबल लगाए जा रहे हैं।

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आग से घिरने के बाद पड़ोस के घर को तोड़कर लोगों को बचाया गया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह था पूरा मामला
मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना इलाके के किदवई नगर इस्लामाबाद में सोमवार रात करीब 8:45 बजे कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद के मकान में भीषण आग लग गई। झुलसने और दम घुटने से इकबाल के बेटे आसिम की पत्नी रुखसार, उनका तीन साल का बेटा अकदस, 6 माह की जुड़वां बेटियां नबिया व इनायत और बेटे फारूक की बेटी महविश व बेटे हम्माद की मौत हो गई। हादसे में इकबाल की पत्नी अमीर बानो झुलस गई हैं।

 

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किदवई नगर में आग की लपटों से हुई छह मौतों के दूसरे दिन गमगीन परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बताया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और कमरों में रखे कपड़ों में फैलती चली गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकलकर्मियों ने परिवार के लोगों को पास स्थित राजधानी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने पांच बच्चों सहित छह लोगों को मृत घोषित कर दिया।

 

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शव को ले जाते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवईनगर इस्लामाबाद में कपड़ा कारोबारी इकबाल के मकान में लगी आग में झुलसने व दम घुटने से उनके बेटे आसिम की पत्नी रुखसार पांच बच्चों की मौत से मातम पसरा है। हादसे में जान गंवाने वालीं दो जुड़वां बच्चियों अनबिया और आयत उर्फ इनायत के शव सोमवार रात ही दफना दिए गए। 

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शव को ले जाते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रुखसार और तीन बच्चों के शवों को मंगलवार को दफनाया गया। एक साथ परिवार के चार जनाजे उठे तो लोगों की आंखें नम हो गईं। महिलाओं के आंसू छलक गए। जनाजे और दफीना में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। लोगों ने बताया कि हादसे के वक्त इकबाल अहमद के बेटे नमाज और तरावीह पढ़ने के लिए मस्जिद गए थे। 

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जला हुआ सिलिंडर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके अलावा मोहल्ले के भी अधिकांश पुरुष नमाज पढ़ने गए थे। इकबाल के घर पर इकबाल के पत्नी अमीर बानो, बेटे आसिम की पत्नी रुखसार, उसका तीन वर्षीय बेटा अकदस, छह माह की जुड़वां बेटियां अनबिया व आयत उर्फ इनायत और फारूक की बेटी मेहविश व बेटा हम्माद मौजूद थे। रात करीब 8:15 बजे अचानक घर में आग लग गई थी।

 

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शव को एंबुलेंस से ले जाते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
देखते ही देखते लपटें विकराल हो गईं और पूरी इमारत धुएं के गुबार से भर गई थीं। इससे मकान में फंसे लोगों का दम घुटने लगा था। अग्निकांड में इकबाल के बेटे आसिम की पत्नी रुखसार और उसके तीन बच्चों व आसिम के भाई फारूक के की बेटी मेहविश, उनके बेटे हम्माद की मौत हो गई थी। बाद में लोग घर की ओर दौड़ पड़े।

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हापुड रोड राजधानी अस्पताल के बाहर खड़ी लोगों की भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इकबाल के हैं पांच बेटे
कपड़ा कारोबारी इकबाल के पांच बेटे सबसे बड़ा फारूक, डॉ. अरशद, आसिम और नाजिम इसी मकान में रहते हैं। सबसे छोटा कासिम बाहर काम करता है। नाजिम और कासिम अविवाहित हैं। अरशद और नाजिम कपड़े का कारोबार करते हैं। यह घर में कपड़े की कटिंग का काम करते हैं। 
 
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अग्निकांड की सूचना पर हापुर रोड स्थित राजधानी अस्पताल से बाहर निकलते डीआईजी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कटे हुए कपड़े सिलकर ऑनलाइन बिक्री करने वाले लोग लेकर जाते हैं। फारूक पास ही किराना की दुकान चलाते हैं। यह अस्पताल इकबाल के बेटे डॉ. अरशद के रिश्तेदार का बताया जा रहा है। उनकी इसमें हिस्सेदारी भी बताई गई है।
 
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