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बड़ा खुलासा: सिपाही विक्रांत ने चलती कार में पिता-पुत्र को मारी थी गोलियां, खून के निशान मिटाने को किया था ये काम

Sun, 10 Apr 2022 12:51 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
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शामली डबल मर्डर केस। - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के शामली में पिता-पुत्र की हत्या के आरोपी सिपाही विक्रांत और उसके पिता विरेंद्र सिंह और साथी मोनू को शामली पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया। इससे पहले पूछताछ में सिपाही ने हत्या की वारदात को लेकर कई बड़े खुलासे किए। 

पुलिस का दावा है कि सिपाहीं के पास से अवैध पिस्टल और मृतक भूपेंद्र की बाइक बरामद हुई है। पुलिस की अभी तक हुई पूछताछ में यह सामने आया है कि सिपाही विक्रांत को यकीन हो गया था कि भूपेंद्र को छोटे भाई की नौकरी के लिए दी गई रकम अब नहीं मिलेगी। जिसके चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया था। 

मेरठ के कंकरखेड़ा की न्यू सैनिक विहार कॉलोनी निवासी भूपेंद्र पुत्र बिजेंद्र और उसके पुत्र अर्जुन की कांधला थाना क्षेत्र के मखमूलपुर गांव में बंधक बनाकर मारपीट करने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों के शव सल्फा गांव के जंगल में पड़े मिले थे। इस मामले में भूपेंद्र की मां सुरेश देवी की तहरीर पर मखमूलपुर निवासी यूपी पुलिस के सिपाही विक्रांत, भाई अर्जुन, पिता विरेंद्र, मां मुद्रेश पत्नी शिवानी और साथी मोनू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

यह भी पढ़ें: मेरठ में बड़ा हादसा: कार और बाइक की भीषण भिड़ंत, बागपत की दो महिलाओं समेत चार की मौत, कई घायल
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शामली में हत्या - फोटो : amar ujala
गिरफ्तारी के बाद से ही इस हत्याकांड में हर दिन बड़े खुलासे हो रहे हैं। पुलिस पूछताछ में सिपाही ने बताया कि पिता-पुत्र को उसने चलती कार में गोली मारी थी। बागपत के जंगल में खून के निशान मिटाने के लिये कार की सीट और अपने कपड़े तक जला दिए थे ताकि पुलिस को कोई सुबूत ही न मिल पाए। 

 
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दोहरा हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
मूलरूप से सरधना के छुर गांव निवासी भूपेंद्र सिंह और उनके पुत्र अर्जुन की हत्या बुधवार शाम को शामली के मखमूलपुर गांव निवासी सिपाही विक्रांत और उसके परिवार ने लेनदेन के विवाद में कर दी थी। इस मामले में सिपाही का भाई अर्जुन शुक्रवार को जेल चला गया था।

पुलिस ने विक्रांत और उसके साथी मोनू से पूछताछ की तो उसने बताया कि 5.80 लाख रुपये के लेनदेन में वारदात की। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने शर्ट की राख और जली हुई सीट भी बागपत के जंगल से बरामद की है। आरोपी ने अवैध पिस्टल से गोली मारना बताया। वहीं, पुलिस की जांच में भी सर्विस पिस्टल से गोली नहीं चलने का दावा किया गया।

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शव गांव में पहुंचने पर मचा कोहराम - फोटो : अमर उजाला
सवालों पर चुप रहा विक्रांत 
कोर्ट में पेश करने से पहले मीडिया ने विक्रांत से हत्या की वजह व भूपेंद्र को दी गई रकम के बारे में कई सवाल किए गए, लेकिन विक्रांत ने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और चुप ही खड़ा रहा।

पुलिस ने हत्या में प्रयोग की गई होंडा सिटी कार, सर्विस व अवैध पिस्टल और कारतूस व खोखे भी बरामद किए हैं। इस मामले में नामजद विक्रांत की पत्नी शिवानी और मां मुद्रेश को भी हिरासत में लिया था, लेकिन उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
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अर्जुन के मेडल दिखाता चचेरा भाई - फोटो : अमर उजाला
जिसकी नौकरी के लिए दिए रुपये, उसे जाना पड़ा जेल
आरोपी सिपाही विक्रांत ने अपने भाई अर्जुन की नौकरी लगवाने के लिए जो रुपये भूपेंद्र को दिए थे, वही अर्जुन के जेल जाने का कारण बन गए। न तो रुपये ही मिले और जेल भी जाना पड़ा। नौकरी के लिए कितने रुपये दिए गए यह अभी भी स्पष्ट नहीं हुआ है। भूपेंद्र की मां सुरेश देवी का कहना है कि दो लाख रुपये दिए थे और अब विक्रांत 5.80 लाख मांग रहा था।
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शामली में हत्या - फोटो : amar ujala
ग्रामीणों से ज्यादा मिलता-जुलता नहीं था विक्रांत
इस मामले में आरोपी सिपाही विक्रांत के बारे में ग्रामीणों ने बताया कि वह काफी अरसे से बाहर ही रह रहा था। कभी-कभार ही गांव आता था। ग्रामीणों से ज्यादा मिलता-जुलता नहीं था।

वह आईबी के पूर्व निदेशक सैयद आसिफ इब्राहिम की सुरक्षा में तैनात था। बिना बताए ही वह सर्विस पिस्टल के साथ ड्यूटी से गायब था। जिसके चलते उसे निलंबित करते हुए बर्खास्तगी की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
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शामली - फोटो : amar ujala
अभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि वारदात में आरोपी विक्रांत की सर्विस पिस्टल का प्रयोग नहीं किया गया है। बाकी फॉरेंसिक रिपोर्ट आने पर स्पष्ट होगा। विक्रांत को लगने लगा था कि अब उसके रुपये वापस नहीं मिलेंगे। इसी आक्रोश में यह वारदात हुई। अभी जांच जारी है। - सुकीर्ति माधव, एसएसपी, शामली
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