मेरठ शहर की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में मरीज इलाज कराने के लिए भटक रहे हैं लेकिन कहीं उन्हें राहत नहीं मिल रही है।
मेडिकल कॉलेज के बाहर बुधवार को फिर एक महिला की मौत हो गई। उसका बेटा और बेटी दो घंटे तक इमरजेंसी में भर्ती कराने के लिए भटकते रहे लेकिन, किसी ने उनकी मदद नहीं की। वहीं कोरोना की जांच रिपोर्ट भी समय पर नहीं मिल रही है। इससे जांच कराने वाले व्यक्ति के परिवार को भी संक्रमण की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है। उधर, जिले के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा से लोगों को उम्मीद थी कि वह मेडिकल कॉलेज का दौरा कर वहां की व्यवस्था में कुछ सुधार कर कराएंगे लेकिन वह भी सर्किट हाउस से ही लौट गए।