फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेबसी की तस्वीरें : आखिर कब सुधरेंगे हालात, मेडिकल कॉलेज के बाहर दम तोड़ रहे मरीज

Thu, 13 May 2021 05:40 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के मेडिकल अस्पताल में मरीजों को ठीक से इलाज नहीं मिल रहा है। ऐसे में मरीज तड़प-तड़पकर दम तोड़ रहे हैं। लगातार मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
1 of 5
मेडिकल के बाहर तड़प रहे मरीज। - फोटो : amar ujala
मेरठ शहर की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में मरीज इलाज कराने के लिए भटक रहे हैं लेकिन कहीं उन्हें राहत नहीं मिल रही है।

मेडिकल कॉलेज के बाहर बुधवार को फिर एक महिला की मौत हो गई। उसका बेटा और बेटी दो घंटे तक इमरजेंसी में भर्ती कराने के लिए भटकते रहे लेकिन, किसी ने उनकी मदद नहीं की। वहीं कोरोना की जांच रिपोर्ट भी समय पर नहीं मिल रही है। इससे जांच कराने वाले व्यक्ति के परिवार को भी संक्रमण की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है। उधर, जिले के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा से लोगों को उम्मीद थी कि वह मेडिकल कॉलेज का दौरा कर वहां की व्यवस्था में कुछ सुधार कर कराएंगे लेकिन वह भी सर्किट हाउस से ही लौट गए।
विज्ञापन

2 of 5
स्ट्रैचर पर तड़प रहे मरीज। - फोटो : amar ujala
बुधवार दोपहर को हुस्नआरा नाम की महिला को ई-रिक्शा में लेकर उनकी बेटी-बेटा दो घंटे तक एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक भटकते रहे। महिला का ऑक्सीजन स्तर 75 के करीब आ गया था। भाई-बहन को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में जाने को कहा जाता रहा। इस बीच बहुत समय लग गया और हुस्नआरा की सांसें टूटने लगीं। इमरजेंसी के बाहर पहुंचे तो वहां भी समय लग गया। किसी तरह चीखने चिल्लाने पर भाई-बहन उन्हें लेकर पहुंचे तो तब तक सांसें खत्म हो चुकी थीं।
विज्ञापन

3 of 5
मेडिकल के बाहर तड़प रहे मरीज। - फोटो : amar ujala
ऑक्सीजन के अभाव में हुस्नारा ने दम तोड़ दिया। मां की मौत के बाद बेटा-बेटी की हालत ऐसी हो गई कि वह कुछ नहीं बोले। बस मां का हाथ पकड़ कर रोते रहे। इलाज में देरी पर ये सिर्फ बुधवार को ही हाल नहीं रहा, मंगलवार को भी जिला अस्पताल में एक मरीज की स्ट्रेचर पर ही ऑक्सीजन नहीं मिलने पर मौत हो गई थी।

4 of 5
मेरठ में इलाज के लिए नहीं मिल रहे बेड। - फोटो : amar ujala
जांच रिपोर्ट का ना करें इंतजार खुद सतर्क रहें 
कोरोना की जांच रिपोर्ट ऑनलाइन अपडेट होने में देरी भी हो रही है। ऐसे में एक ही परिवार के लोगों की रिपोर्ट अलग-अलग समय पर आ रही है, जिसके कारण बहुत से लोग एक सदस्य की रिपोर्ट आने पर खुद को नहीं निगेटिव मानकर लापरवाही कर रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर परिवार के किसी भी सदस्य की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है और बाकी की रिपोर्ट में देरी हो रही है तो खुद को आइसोलेट रखें। उनका कहना है कि कई बार तकनीकी कारणों के चलते रिपोर्ट थोड़ी देरी से आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बेबसी की तस्वीर। - फोटो : amar ujala
बच्चों का रखें खास ख्याल 
परिवार के सदस्यों के संक्रमित होने के बाद बच्चों का खास ध्यान रखें, उनके आसपास बिना मां के न जाएं। ऐसे में होम आइसोलेशन में रहें। बहुत से लोग मास्क को लेकर सजग नहीं हो रहे हैं, ऐसे में वे अपने साथ ही दूसरे सदस्यों का ख्याल रखते हुए लगातार मास्क का प्रयोग करें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें