राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल पीएफआई के सदस्यों ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि उन्होंने केरल के मंजीरी में हथियार चलाने और गोरिल्ला युद्ध का प्रशिक्षण लिया। गजवा-ए-हिंद की पुस्तकें भी पढ़ीं। उनका मकसद प्रदेश और देश की शांति व्यवस्था बिगाड़कर हिंसक घटनाओं को अंजाम देना था। उनके प्रमुख निशाने पर योगी सरकार है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर सहित अन्य जिलों में नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिली हैं। इनके आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी शादाब अजीज कासमी ऑल इंडिया इमाम काउंसलिंग के पश्चिम उत्तर प्रदेश का प्रदेशाध्यक्ष है। मुफ्ती शहजाद पीएफआई के एडहॅाक कमेटी का सदस्य है। मोहम्मद इस्लाम ऑल इंडिया इमाम काउंसलिंग का सदस्य है। इनके साथ मोहम्मद साजिद से सुरक्षा एजेंसी ने घंटों पूछताछ की। यह भी पता चला कि वर्ष 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की मंशा से वह ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं।