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Riya Murder Case: तस्वीरों में रिया का संसार, पार्टी लवर और घुमक्कड़ मिजाज थी; रिषभ के फितूर ने किया सब तबाह

Fri, 18 Aug 2023 06:54 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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रिया गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार रात एक सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम दिया गया। सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में एक प्रेमी ने प्रेमिका की गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात पैराडाइज अपार्टमेंट के सी ब्लॉक में हुई। जिसकी हत्या हुई है उसकी पहचान रिया गुप्ता के तौर पर हुई और हत्यारे का नाम रिषभ है। 

रिषभ ने हत्या की बात कबूल लगी है। उसने कहा कि रिया तलाकशुदा थी और उसकी एक बच्ची भी थी और उसने मुझसे ये बाद छिपाई। इसके अलावा वो और लड़कों से बात किया करती थी, मुझे धोखा दे रही थी। इसलिए मैंने उसे गोली मार दी।

रिया मेकअप आर्टिस्ट थी और बहुत ही खुले मिजाज की थी। उसकी सोशल मीडिया पर पोस्ट की फोटो और वीडियो को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह खुशदिल लड़की थी। उसे पार्टी और घूमने फिरने का शौक था। तस्वीरों में देखें रिया की जिंदगी...
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रिया गुप्ता - फोटो : सोशल मीडिया
रिया गोल्फ सिटी के पैराडाइज क्रिस्टल में फ्लैट C-203 में रहती थी। वह कुछ बीते साल नवंबर से रिषभ सिंह के साथ लिव इन में रह रही थी। रिया की जिंदगी ग्लैमर और रहस्य से भरी हुई थी। उनके जीवन में जीवन साथी बदलते रहते थे।
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रिया गुप्ता - फोटो : सोशल मीडिया
पड़ोसियों का कहना है कि हम रिया को दो बार देखते थे। एक बार शाम को छह बजे करीब निकलते हुए। एक बार देर रात आते हुए। उनकी चाल और हावभाव से देखकर लगता था कि वह पूरे होश में कभी नहीं रही हैं। त्योहार हो या कोई और उत्सव रिया की लाइफ एक ही तरह की थी। नाम ना बताने की शर्त पर पड़ोसी कहते हैं कि रिया की लाइफ रहस्यों से भरी हुई थी। कोई एक आदमी उसकी जिंदगी में नहीं था। कभी कोई दिखता तो कभी कोई। 

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रिया गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
रिया को रील्स बनाने का शौक था। इंस्ट्राग्राम अकांउट पर इसे देखा जा सकता है। गार्ड और पड़ोसी भी यह बात बताते हैं कि वह कई बार सोसयटी में रील्स बनातीं। इस दौरान वह कभी किसी से बात ना करतीं। 
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रिया गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
सोसायटी के पदाधिकारी बताते हैं कि हमें कई बार यह खबर मिलती कि वह लेट नाइट आतीं। एक दो बार गार्ड ने इस बारे में बात की। लेकिन फिर वह चलता रहा। वह शाम को ही निकलतीं और देर रात बीते लौटकर आतीं। सोसायटी में होने वाली किसी प्रकार की पूजा या सोशल गैदरिंग में वह शामिल ना होतीं।
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