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बिकरू कांड: ईडी की जांच में फंस सकते हैं जय के कई संरक्षक पुलिसकर्मी, हो सकता है बड़ा खुलासा

Sat, 19 Sep 2020 10:24 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जय बाजपेई - फोटो : अमर उजाला
दहशतगर्द विकास दुबे और उसके खजांची जय बाजपेई को संरक्षण देकर करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने वाले कई पुलिसकर्मी भी प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में आ गए हैं। अधिवक्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट सौरभ भदौरिया ने तीन आईपीएस, दो पीपीएस समेत 12 पुलिसकर्मियों की संपत्तियों का भी ब्योरा ईडी को सौंपा है।
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जय बाजपेई पत्नी के साथ - फोटो : फेसबुक
इनमें 39 रजिस्ट्रियां व अन्य अभिलेखीय साक्ष्य हैं। वहीं एलआईयू और डीसीआरबी से जुड़े नौ अन्य लोगों की संपत्तियों का खुलासा भी जल्द करने की बात कही है। दो साल पहले कानपुर में रहे 2013 बैच के एक आईपीएस अफसर की मथुरा, बहराइच, गुड़गांव, हरियाणा व बिठूर स्थित करोड़ों की संपत्तियों का ब्योरा ईडी को सौंपा गया है। राजस्थान के रहने वाले एक आईपीएस अफसर ने भी कानपुर में तैनाती के दौरान अच्छी संपत्ति बनाई।
 
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जय बाजपेई और विकास दुबे की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
जैसलमेर के साथ ही जाजमऊ, श्यामनगर, अशोक नगर, कल्याणपुर, बिठूर, काकादेव में करोड़ों के आवासीय प्लाट व खेतिहर जमीन इनके नाम है। बिकरू कांड के बाद जिन आईपीएस अफसर को संदेह के आधार पर स्थानांतरित किया गया था उनके नाम भी बिठूर, कल्याणपुर, नवाबगंज, फतेहपुर, उन्नाव में करोड़ों की संपत्ति है। श्याम नगर में एक भू-माफिया से इनके गहरे संबंधों का भी खुलासा किया गया है।

 

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जय बाजपेई अपनी पत्नी के साथ - फोटो : अमर उजाला
शहर के दक्षिणी हिस्से की कमान संभालने वाले एक पीपीएस अफसर की बिंदकी, जहानाबाद, साकेतनगर, नजीराबाद, गुजैनी में स्थित करोड़ों की संपत्तियों का ब्योरा ईडी को सौंपा गया है। इसी तरह ज्यादातर नजीराबाद और सीसामऊ सर्किल में तैनात रहने वाले एक पीपीएस अफसर की भी जरीब चौकी, पीरोड, दर्शनपुरवा, कल्याणपुर, शारदा नगर, फतेहपुर में सात-आठ करोड़ की संपत्तियों की बात बताई गई है।बजरिया और नजीराबाद थानों में तैनात रहने वाले कई पुलिसकर्मियों के पास करोड़ों के आवासीय प्लाट और खेतिहर जमीनें होने के सबूत भी ईडी को मिले हैं।

 
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जय बाजपेई - फोटो : अमर उजाला
जुगलबंदी से तैयार की करोड़ों की प्रापर्टी 
बजरिया थाने में तैनात रहे एक इंस्पेक्टर और दरोगा की साठगांठ का पर्दाफाश करते हुए सौरभ ने बताया कि दोनों की जुगलबंदी ऐसी थी कि दोनों की तैनाती एक ही थाने में रहती थी। एक का स्थानान्तरण होता तो दूसरा भी जोर जुगाड़ लगाकर वहां पहुंच जाता। इनमें से एक ने तो संपत्तियां कब्जाने और जमीनों की खरीद-फरोख्त के मामले में बड़े अफसरों तक को फेल कर दिया। लगभग 17 करोड़ की संपत्ति के मालिक इस इंस्पेक्टर की झांसी स्थित मोठ में ही लगभग तीन करोड़ की संपत्ति है। इसके अलावा बस्ती और कल्याणपुर स्थित कॉलेजों में भी इसका पैसा लगा है। कन्नौज, ग्वालटोली, पीरोड, बजरिया में कई प्लाट हैं। वहीं दूसरे के पास भी बजरिया, केशवपुरम, फूलमती तिराहा, पी रोड, कल्याणपुर, श्यामनगर व कन्नौज में लगभग तीन करोड़ की संपत्ति है।

 
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जय बाजपेई - फोटो : अमर उजाला
अनुकंपा नौकरी में भी मिला चौकी का चार्ज
सौरभ का कहना है कि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी पुलिसकर्मी को अनुकंपा के तहत नौकरी पर रखा जाता है तो उसे चौकी या थाने का प्रभार नहीं मिल सकता। इसके बावजूद भ्रष्टाचार और जोर-जुगाड़ का आलम यह है कि नजीराबाद थाने में रहा एक अनुकंपा प्राप्त पुलिसकर्मी को वर्तमान में शहर में ही एक चौकी का प्रभार दिया गया है। यह पुलिसकर्मी मथुरा, अशोक नगर, चौबेपुर, स्वरूप नगर, विजय नगर स्थित लगभग सात करोड़ की संपत्तियों का मालिक है। तीन साल में गैर जनपद तबादले के आदेशों की भी धज्जियां उड़ रही हैं।
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