फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धर्मांतरण मामले में नया खुलासा: नौ साल पहले ही इस्लाम से प्रेरित हो गया था आदित्य, समझाया था-अल्लाह से जो मांगोगे मिलेगा

Thu, 24 Jun 2021 10:25 AM IST
शाहरुख खान सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 6
UP conversion case - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के काकादेव निवासी मूक बधिर छात्र आदित्य गुप्ता उर्फ अब्दुल कादिर नौ साल पहले ही इस्लाम के प्रति प्रभावित हो गया था। 2012 में हलीम मुस्लिम कॉलेज में आयोजित सभाओं में उसने शिरकत की थी। तब चमनगंज निवासी मूक बधिर वासिफ इन सभाओं को संबोधित करता था। परिजनों को जब पता चला तो भरी सभा से आदित्य को लेकर चले गए थे। ये खुलासा जांच एजेंसियों की तफ्तीश में हुआ है। परिजनों ने इसकी पुष्टि भी की है। आदित्य ने बिठूर स्थित ज्योति बधिर स्कूल से 2019 में 12वीं की परीक्षा पास की है। पढ़ाई में भी तेज है। जांच एजेंसियों की तफ्तीश में पता चला है कि आदित्य जब 15 वर्ष का था, तब उसका एक परिचित उसे हलीम मुस्लिम कॉलेज में होने वाली धार्मिक सभाओं में लेकर जाता था। चमनगंज निवासी मूक बधिर वासिफ सांकेतिक भाषा में धर्म परिवर्तन के फायदे बताता था। जांच एजेंसियों ने वासिफ के बारे में जानकारियां जुटाई हैं। पूछताछ भी उससे की जा रही है। पता किया जा रहा कि धर्मांतरण में वासिफ की भूमिका है या नहीं।
विज्ञापन

2 of 6
आदित्य गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
तीसरी बार में सभा से आदित्य को पकड़ा 
सूत्रों के मुताबिक धार्मिक सभाएं हलीम कॉलेज में तब रविवार को होती थीं। सभाएं करने वाले लोग युवाओं से गैर मुस्लिमों को वहां लाने को कहते थे। इन्हीं में से एक शख्स आदित्य को वहां ले गया था। हालांकि उसके नाम व पते की जानकारी नहीं हो सकी है। मां लक्ष्मी के मुताबिक आदित्य रविवार की दो सभाओं में शामिल हुआ था। तीसरी बार जब गया तो वे उसे ले आई थीं।

 
विज्ञापन

3 of 6
आदित्य गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
गगन नाम के शख्स की तलाश
आदित्य के संपर्क में एक गगन नाम का शख्स रहा है। आशंका है कि इसने मीडिएटर की भूमिका निभाई है। उसने ही सबसे पहले इस्लाम के प्रति आदित्य को समझाकर वासिफ व उमर से मिलवाया। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसी गगन के बारे में जानकारी जुटा रही है। जानकारी के मुताबिक गगन भी धर्म परिवर्तन कर चुका है।

4 of 6
आदित्य से बना अब्दुल - फोटो : amar ujala
चर्च भी कई बार गया
परिजनों के मुताबिक आदित्य मंदिर जाकर ईश्वर से प्रार्थना करता था कि उसकी नौकरी लग जाए। परिजन मकान खरीद लें। इस दौरान वह चर्च भी जाने लगा। आखिर में जब वो मुस्लिम धर्म प्रचारकों के संपर्क में आया तो उसे आरोपियों ने समझाया कि अल्लाह से जो मांगोगे मिलेगा। इसके बाद उसने धर्म परिवर्तन कर लिया।
 
विज्ञापन

5 of 6
धर्मांतरण का मामला: आदित्य उर्फ अब्दुल से बात करती साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट - फोटो : amar ujala
कानपुर में पढ़ी छात्रा का कराया धर्मांतरण, सुप्रिया से आयशा बनी
कानपुर में पढ़ी एक छात्रा का भी करीब तीन साल पहले धर्म परिवर्तन कराया है। परास्नातक पास छात्रा सुप्रिया ने अपना नाम बदलकर आयशा रख लिया है। गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद छात्रा के बारे में जानकारी हुई है। हालांकि अभी यह पता नहीं चल सका है कि छात्रा मूलरूप से कहां की रहने वाली है। छात्रा का धर्म परिवर्तन कराने की बात खुद मोहम्मद उमर गौतम ने स्वीकार की है। इस संबंध में यू-ट्यूब पर उसका वीडियो भी है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
डॉ. मोहम्मद उमर गौतम - फोटो : अमर उजाला
वीडियो के मुताबिक तीन साल पहले मो. उमर गौतम अलीगढ़ मुस्लिम विवि में लेक्चर देने पहुंचा था। लेक्चर के दौरान उसने इस्लाम धर्म की खासियत बताईं। कहा कि जिस-जिस शख्स ने इस्लाम अपनाया वह तरक्की की राह पर चलता चला गया। उसने सुप्रिया नाम की छात्रा का भी जिक्र किया। कहा था कि कानपुर के एक विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई करने वाली छात्रा सुप्रिया ने इस्लाम अपनाया है। लेक्चर में उसने कई और लोगों का भी जिक्र किया। जांच एजेंसियां सुप्रिया के बारे में पता करने में जुट गई हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें