लैब टेक्नीशियन संजीत यादव अपहरण एवं हत्याकांड को मंगलवार से एक साल हो गया है, लेकिन आज भी दुखी परिवार संजीत के लौट आने की राह देख रहा है। परिजनों ने मानव तस्करी का आरोप भी लगाया है। जबकि आरोपियों ने उसकी हत्या की बात कबूल की है। इस कांड से जुड़े दो अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है। कई पुलिसकर्मियों पर जांच जारी है। बर्रा पांच निवासी संजीत यादव का 22 जून की शाम लापता हो गया था। अंबेडकरनगर निवासी रामजी शुक्ला, दबौली वेस्ट निवासी ईशू उर्फ ज्ञानेंद्र, पनकी सरायमीता कच्ची बस्ती निवासी कुलदीप गोस्वामी, गज्जापुरवा निवासी नीलू सिंह, गुमटी नंबर पांच निवासी प्रीति शर्मा, सिमी सिंह उर्फ जयकरन, कानपुर देहात अकबरपुर निवासी राजेश उर्फ चीता आदि ने मिलकर पूर्व नियोजित तैयारी के तहत उसका अपहरण कर परिजनों से 30 लाख की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने परिजनों से फिरौती भी दिलवा दी थी, लेकिन हत्यारोपियों ने फिरौती लेने से पहले ही उसकी हत्या कर शव बोरे में भर कर पांडु नदी में बहाने की बात कबूली थी।
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संजीत अपहरण एवं हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
अपहरण के एक माह बाद 23 जुलाई 2020 को तत्कालिक एसएसपी दिनेश कुमार पी ने अपहरण हत्याकांड का खुलासा किया था। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हत्यारोपियों ने 26 से 27 जून के बीच ही संजीत की हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्यारोपियों ने 29 जून को परिजनों को फोन कर फिरौती मांगी थी।
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संजीत अपहरण एवं हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
एसपी समेत आठ पुलिस कर्मियों पर गिरी थी गाज
मामले में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में शासन स्तर से तत्कालीन एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता के साथ ही तत्कालीन सीओ मनोज गुप्ता, बर्रा थाना प्रभारी रहे इंस्पेक्टर रणजीत राय, दरोगा राजेश कुमार, दरोगा योगेंद्र प्रताप समेत आठ पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया था। पूरे मामले में अब आईपीएस अपर्णा गुप्ता को बहाल किया जा चुका है। वह वर्तमान में मुरादाबाद जीआरपी में तैनाती हैं।
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संजीत हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
सीओ मनोज कुमार गुप्ता के खिलाफ संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय लखनऊ से अभी भी जांच चल रही है। वहीं इंस्पेक्टर रंजीत राय, दारोगा और सिपाहियों की प्रारंभिक जांच कर रहे एसपी पूर्वी ने सभी को दोषी ठहराया है। हालांकि, कुछ दरोगा व सिपाही वर्तमान में तैनाती पा चुके हैं।
मामले में आईपीएस अपर्णा गुप्ता की भूमिका की जांच कर रहीं आईजी रेंज लखनऊ लक्ष्मी सिंह ने 28 जून को मामले से जुड़े सभी पुलिस कर्मियों को नोटिस भेज कर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। अपर्णा गुप्ता समेत सभी आठ पुलिस कर्मी बयान दर्ज कराएंगे। सभी पुलिस कर्मियों के बयान के आधार पर ही आईजी अपनी रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपेंगी।