कानपुर के फजलगंज में तिहरे हत्याकांड को तीन बदमाशों ने अंजाम दिया है। तीनों घर का दरवाजा खुलवाकर अंदर दाखिल हुए थे। दो घंटे बाद वारदात कर वहां से फरार हुए। घर के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में उनकी फुटेज कैद हुई है। पुलिस इसी फुटेज के आधार पर तहकीकात आगे बढ़ा रही है। पुलिस अफसर दावा कर रहे हैं कि वारदात का जल्द ही खुलासा किया जाएगा। प्रेम किशोर के घर के सामने फजलगंज डिपो है। वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। एक कैमरा प्रेम किशोर के घर के सामने का एरिया भी कवर करता है। पुलिस ने जब इसके फुटेज खंगाले तो पता चला कि देर रात 1:30 बजे तीन युवक पैदल वहां पहुंचे। दरवाजा खटखटाया।
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कानपुर में तिहरा हत्याकांड: मौके पर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
जैसे ही प्रेम ने दरवाजा खोला बदमाश भीतर घुस गए। वह तकरीबन दो घंटे तक भीतर रहे। तीनों की हत्या की और करीब साढ़े तीन बजे वह बाहर निकले। तब उनमें से एक बदमाश बाइक लेकर चला गया। इसने हेलमेट भी पहना था। बाकी दो कहां गए इसका पता नहीं चल सका।
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कानपुर में तिहरा हत्याकांड: मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मैंने बाइक से जाते देखा
तड़के करीब चार बजे एक कंपनी का दुग्ध वाहन दूध देने के लिए प्रेम किशोर की दुकान पर पहुंचा था। तब वहां ताला पड़ा मिला था। उसी के जरिए धीर-धीरे सूचना प्रेम के परिवार वालों तक पहुंची। दुग्ध वाहन के सेल्समैन ने पुलिस को बताया कि जब वह गाड़ी लेकर पहुंचा था तब पास से एक बाइक सवार गुजरा था। पुलिस को आशंका है कि ये वारदात में शामिल बदमाश है। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। एक अन्य शख्स ने भी इसी समयावधि में वहां से एक युवक को बाइक से जाते देखने की बात बताई है।
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कानपुर में तिहरा हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
ललिता के परिवार वालों ने लगाया आरोप
ललिता के मायके वालों ने प्रेम किशोर के रिश्तेदार पर ही आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपों को जांच में शामिल कर लिया है। वहीं एक पड़ोसी से विवाद की भी बात सामने आई है। पुलिस पता कर रही है कि कहीं रंजिश की वजह से तो नहीं वारदात को अंजाम दिया गया है।
एसीपी को डीसीपी ने फटकारा
शव न दिखाने पर जब परिजन अड़े थे तो पुलिस उनको मना कर रही थी। इससे प्रेम किशोर के बड़े भाई राज किशोर समेत अन्य सभी परिजन भड़क गए। इस दौरान एसीपी गोविंद नगर विकास पांडेय जबरन राज किशोर को वहां से हटाने लगे। ये देख डीसीपी संजीव त्यागी ने उनको फटकारा। एसीपी से कहा कि समझ नहीं आ रहा है कि हम बात कर रहे हैं। ये सुनकर एसीपी खामोश हो गए। वहां से किनारे चले गए।