सीएनजी किट लगवाकर महज 58 रुपये में आप अपनी स्कूटी 85 किलोमीटर चला सकते हैं। मतलब 70 पैसे में एक किलोमीटर। अभी एक लीटर पेट्रोल (74 रुपये) में स्कूटी करीब 40 किलोमीटर चलती है। यानी एक किलोमीटर में 1.85 रुपये खर्च होते हैं।
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10 महीने में पैसा वसूल
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डेमाे पिक
कंपनी का दावा है कि सीएनजी किट लगने के बाद स्कूटी 58 रुपये में 80-85 का माइलेज देगी। औसतन कोई व्यक्ति रोजाना 50 किमी गाड़ी चलाता है तो महीने में हुई 1500 किमी। 74 रुपये लीटर पेट्रोल के हिसाब से उसके महीने में खर्च होेंगे 2775 रुपये। वहीं 58 रुपये किलो गैस के हिसाब से महीने में खर्च आएगा करीब 1100 रुपये।
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पेट्रोल का विकल्प रहेगा
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चालक के जहां पर पैर होते हैं, ठीक उसी के सामने किट लगाई जाएगी। इसमें दो सिलिंडर होंगे, पहला एक किलो का दूसरा 400 ग्राम का। इतनी गैस में आप करीब 110 किलोमीटर अपनी स्कूटी चला सकते हैं। गैस खत्म होने पर पहले की तरह ही पेट्रोल से अपनी स्कूटी चला सकते हैं। सीएनजी पंप पर गैस भरवाते समय स्कूटी वालों को प्राथमिकता मिलेगी।
महाराष्ट्र में हो चुकी है शुरुआत, लखनऊ में जल्द
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बढ़ते वायु प्रदूषण और खर्च को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले साल इटली की लोवेटो कंपनी से सीएनजी किट के लिए समझौता किया है। कंपनी जून 2017 में महाराष्ट्र में यह सुविधा शुरू कर चुकी है। कानपुर में भी शुरू होने जा रही है। लखनऊ में भी जल्द एक दूसरी कंपनी सीएनजी किट का शुभारंभ करने जा रही है। कानपुर में लोवेटो कंपनी ने कानपुर सीएनजी सिलिंडर टेस्टिंग कंपनी को अपना डीलर बनाया है।
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अगले सप्ताह से कल्याणपुर और फजलगंज में लगवाई जा सकेगी सीएनजी किट
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मंगलवार को लाजपत भवन में डीलर की ओर से सीएनजी किट का डेमो दिया गया। इसका सह प्रायोजक सीयूजीएल (सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड) रहा। इस तरह से महीने में करीब 1700 रुपये की बचत होगी। यानी 10 महीने में सीएनजी किट के पैसे वसूल। यह सीएनजी किट अगले सप्ताह से कल्याणपुर और फजलगंज में लगवाई जा सकेगी। इसका खर्च 17 हजार रुपये है।
किट लगाने के लिए लोवेटो कंपनी को केंद्र सरकार का इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नालॉजी (आईकेट) का लाइसेंस मिला है। इस लाइसेंस का हवाला देकर कंपनी ने ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के नाम पत्र लिखकर डीलर को ईंधन बदलाव का लाइसेंस देने को कहा है। इस प्रक्रिया में करीब एक सप्ताह लगेगा। इसके बाद डीलर किट लगवाने के लिए अधिकृत हो जाएगा। जिस स्कूटी मेें किट लगेगी, उसके रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर आरटीओ से मुहर लगेगी।