कानपुर देहात में झोपड़ी की आग में जिंदा जले बेटे, बहू, दो पौत्रों और एक पौत्री की मौत से दुखी प्रकाश के आंसू नहीं थम नहीं रहे। उन्होंने रोते हुए बताया कि एक कोने से उठी आग ने एक मिनट में पूरी झोपड़ी को अपनी आगोश में ले लिया। बच्चों की आवाज सुनाई दी...पापा बचा लो।
आग की लपटों की वजह से मुख्य दरावाजे से वह और मौके पर जुटे आसपास के लोग झोपड़ी के भीतर नहीं घुस सके। दूसरी तरफ से परिवार को निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाए और आंखों के सामने उनका पूरा परिवार देखते ही देखते खत्म हो गया। आग कैसे लगी, वह नहीं जानते हैं।
इधर, परिवार के पांच सदस्यों की मौत की खबर सुनते ही जिला अस्पताल में भर्ती रेशमा भी दहाड़े मार कर रो पड़ी। देर रात अस्पताल पहुंची डीएम नेहा जैन, एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति व अन्य अधिकारियों ने बेटे, बहू, पौत्रों व पौत्री की मौत से दुखी रेशमा को सांत्वना दी।