कानपुर में एक वर्ष के दुधमुंहे बच्चे को कमरे के बाहर छोड़कर एक साथ जीने मरने की कसम खाने वाले दंपत्ति फांसी पर झूल गए। बिधनू में शनिवार को न्यू आजाद नगर चौकी क्षेत्र के राजीव नगर में पत्नी से विवाद के बाद पति ने कमरा बंद कर फांसी लगा ली। पति का शव लटकता देखकर पत्नी ने एक रिश्तेदार को जानकारी दी।
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पति ने इसी कमरे में लगाई फांसी
- फोटो : अमर उजाला
उसके बाद मासूम बेटे को कमरे के बाहर रोता बिलखता छोड़कर दूसरे कमरे में फांसी पर झूल गयी। हरी मस्जिद बर्रा निवासी सिक्योरिटी गार्ड राजेन्द्र वर्मा राजीव नगर, न्यू आजाद नगर में अरुण तिवारी के मकान में पिछले 4 वर्ष से किराये पर रह रहे थे। राजेन्द्र के मुताबिक 35 वर्षीय बेटा प्रिंस की फेसबुक के जरिये ग्राम मचहट्टा रुद्रपुर जिला देवरिया की रहने वाली जवाहरलाल की बेटी चंद्रिका (30) से जान पहचान हुई थी।
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महिला ने इसी कमरे में लगाई फांसी
- फोटो : अमर उजाला
बेटा प्रिंस लखनऊ में एक दवा कंपनी में काम करता था। चंद्रिका बेटे से मिलने अक्सर लखनऊ आया जाया करती थी। दो वर्ष पहले लखनऊ में कोर्ट मैरिज के बाद 25 जुलाई 2018 को कानपुर में परिजनों ने धूमधाम से विवाह संपन्न किया। इसके बाद दोनों राजीव नगर में परिवार के साथ रहने लगे।
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मासूम के सिर से उठा माता-पिता का साया
- फोटो : अमर उजाला
जून 2019 को उसके बेटे शौर्य का जन्म हुआ था। लॉकडाउन के दौरान बेटे की नौकरी छूट गयी थी। आर्थिक तंगी के चलते आये दिन दोनों के बीच झगड़ा होता रहता था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात दोनों के बीच विवाद के बाद मारपीट की नौबत आ गयी थी। शनिवार सुबह वह ड्यूटी पर चले गए। पत्नी राजेश्वरी बेटी शालू के साथ देवकीनगर अपनी बहन कमला के यहां गई थी।
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घर के बाहर बैठी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मकान मालिक भी परिवार समेत रिश्तेदारी में गए थे। दोपहर में किसी बात को लेकर दोनों के बीच फिर झगड़ा हुआ। झगड़े के बाद प्रिंस ने खुद को कमरे में बंदकर पंखे में साड़ी के सहारे फांसी लगा ली। पति को फांसी में झूलता देख पत्नी चन्द्रिका ने मौसी कमला के बेटे सतेंद्र को फोन पर घटना की जानकारी दी। इसके बाद चन्द्रिका ने एक वर्षीय दुधमुंहे बेटे शौर्य को दूसरे कमरे के बाहर छोड़कर पंखे के कुंडे में दुपट्टे के सहारे खुद भी फांसी पर झूल गयी।
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गमगीन बैठे परिजन
- फोटो : अमर उजाला
घटना की जानकारी पर बेटे अनिल के साथ मौसी कमला मौके पर पहुची। मासूम शौर्य कमरे के बाहर बिलख रहा था। प्रिंस के कमरे का दरवाजा बंद व चन्द्रिका के कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। सूचना पर पहुंचे पिता ने रिश्तेदारों और क्षेत्रीय लोगो की मदद से बेटे के कमरे का दरवाजा तोड़कर दोनों को 108 एम्बुलेंस से उर्सला लेकर पहुंचे।
जहां पर डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। बिधनू एसओ पुष्पराज सिंह ने बताया कि आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह की बात सामने आई है। लड़की के परिजनों को सूचना देने के साथ ही दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।