उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के एक गांव में दलितों पर अत्याचार का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि समाज में किस कदर आज भी भेदभाव व्याप्त है।
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यह घटना हमीरपुर में राठ कोतवाली के स्यावरी गांव की है। सोमवार की शाम तिजिया के घर में खुशी का माहौल था। उसके घर में कुंआ पूजन का कार्यक्रम था। कार्यक्रम में रिश्तेदार और ग्रामीण सभी शामिल हुए थे। रात करीब 10 बजेे रिश्तेदारों और ग्रामीण घर के बाहर दरवाजे पर खाने खाने बैठे थे।
उसी दौरान ग्राम प्रधान खूबचंद्र पुत्र मदनपाल लोधी अपने साथ बीरा गांव निवासी गोपीचंद्र पुत्र बाबूराम को लेकर अपनी चार पहिया वाहन से आए और दरवाजे के बाहर खाना खा रहे लोगाें का खाना रौंदकर चले गए। ग्राम प्रधान की ओर से शायद कुछ कसर और बाकी रह गई थी। ग्राम प्रधान पंद्रह मिनट बाद दोबारा आया और फिर से खाना खा रहे लोगों का खाना कुचल कर निकल गया।
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तिजिया और उसके पति ब्रजलाल ने जब प्रधान का विरोध किया तो वह सबके सामने उनकी बेइज्जती करते हुए उन्हें जाति सूचक गालियां देने लगा। प्रधान को गाली देने से रोकना चाहा तो वह उनके साथ मारपीट करने लगा। खाना खा रहा खूबचंद्र पुत्र चेतराम बचाने के लिए आया तो उसके ऊपर दोनाली बंदूक तान दी और जान से मारने की धमकी देकर चले गए। पीड़िता ने बताया कि प्रधान दबंग और आपराधिक किस्म का है। इनके ऊपर पहले से संगीन धाराओं के मुकदमें चल रहे है।