फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना का सच: किसी की मां को थी रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत तो किसी के पिता को चाहिए था बेड, मिली मौत

Fri, 30 Apr 2021 10:10 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 6
रोते बिलखते परिजन - फोटो : amar ujala
कानपुर के बिल्हौर निवासी अरुण की मां की तबीयत एक सप्ताह पहले खराब हुई थी। जांच में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। तीन दिन पहले सांस लेने में तकलीफ हुई तो अरुण ने उन्हें कल्याणपुर के कोविड अस्पताल में 50 हजार रुपये जमा कर भर्ती कराया।

 
विज्ञापन

2 of 6
कोरोना का कहर - फोटो : amar ujala
ऑक्सीजन देने के बाद डॉक्टरों ने कहा उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन देना पड़ेगा। अस्पताल में इंजेक्शन है, नहीं बाहर से कहीं इंतजाम करो। इस पर अरुण तीन दिन तक शहर के सभी बड़े मेडिकल स्टोर छानता रहा। समाजसेवियों और परिचितों से भी गुहार लगाई लेकिन इंजेक्शन नहीं मिला। शुक्रवार को मां की मौत हो गई।

 
विज्ञापन

3 of 6
कोरोना से मचा कोहराम - फोटो : amar ujala
पिता को लेकर नौ अस्पतालों के काटे चक्कर, मौत
बेड और ऑक्सीजन के लिए बेटे ने बीमार पिता को लेकर नौ अस्पतालों के चक्कर काटे लेकिन कहीं भर्ती नहीं किया गया। इलाज के अभाव में पिता ने दम तोड़ दिया। कल्याणपुर क्षेत्र के बैरी के बृजकिशोर को पीलिया हो गया था। पास के एक डॉक्टर से इलाज चल रहा था।

 

4 of 6
हर दिन बढ़ रहा मौतों का आंकड़ा - फोटो : amar ujala
दो दिन पहले डॉक्टर ने 1200 रुपये लेकर कोरोना की जांच कराई। डॉक्टर ने एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव बताई और घर भेज दिया। गुरुवार को बृजकिशोर की तबीयत अचानक बिगड़ी तो बेटा अर्जुन ऑटो से अस्पतालों के चक्कर काटने लगा। कल्याणपुर से लेकर स्वरूपनगर तक किसी भी अस्पताल में जगह नहीं मिली। चार घंटे बाद पिता की सांसें थम गईं।

 
विज्ञापन

5 of 6
कोरोना का कहर - फोटो : amar ujala
ऑक्सीजन सिलिंडर साथ न लाने पर हैलट से मरीज को लौटाया
ऑक्सीजन सिलिंडर साथ में न लाने पर हैलट इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टरों ने शुक्रवार शाम को गल्ला मंडी, नौबस्ता निवासी मरीज रामचंद्र (65) को लौटा दिया। बेटे दीपचंद्र ने बताया कि उनके पिता को पांच दिन से बुखार, सांस लेने में तकलीफ थी। नौबस्ता के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
कोरोना से मचा कोहराम - फोटो : amar ujala
ऑक्सीजन लेवल घटने पर डॉक्टर ने मरीज को हैलट ले जाने को कहा। एंबुलेंस न मिलने की वजह से वह कार से पिता को हैलट इमरजेंसी लाए, पर यहां डॉक्टरों ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। उधर, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इमरजेंसी में सभी बेड फुल हैं। कुछ सिलिंडर हैं, जिन्हें स्ट्रेचर के मरीजों को लगाया जा रहा है। सभी को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें