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एनकाउंटर: एनएसजी कमांडो ने सेना से बर्खास्त होते ही खड़ा किया गैंग, 25 किलो सोना लूटकर चर्चा में आया

Wed, 11 Aug 2021 12:50 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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मुठभेड़ में घायल बदमाश रंजीत और मौके पर जांच करती पुलिस टीम - फोटो : Amar Ujala bijnor
यूपी के बिजनौर में मुथूट फिनकॉर्प में लूट का प्रयास करने वाले बदमाश रंजीत को पुलिस ने मुठभेड़ में धर दबोचा। मुठभेड़ के दौरान दबोचे गए बदमाश रंजीत व अमजद की तलाश में राजस्थान व पंजाब पुलिस खाक छानती घूम रही थी लेकिन दोनों बदमाश हाथ नहीं आ रहे थे। रंजीत को दस साल पहले एनएसजी कमांडो रहते हुए अपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर बर्खास्त किया गया था। इसके बाद रंजीत ने अपना गैंग खड़ा कर लिया और बड़ी घटनाओं को अंजाम देने लगा। कई जिलों की बड़ी घटनाओं में उसका हाथ रहा है। आगे तस्वीरों में जानें आखिर कैसे एक एनएसजी कमांडो बुरी संगत में पड़कर बन गया गैंग का लीडर: -

पंजाब के पटियाला की प्रोफेसर कॉलोनी में रहने वाला रंजीत एनएसजी में कमांडो था। परिवार के लोग भी रंजीत पर फक्र करते थे। कमांडो रहते हुए रंजीत बुरी संगत में पड़ गया और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा। रंजीत को दस साल पहले एनएसजी से बर्खास्त कर दिया गया था। पुलिस के मुताबिक इसके बाद भी रंजीत ने सबक नहीं लिया और अपना बड़ा गैंग खड़ा कर लिया। रंजीत की नजर केवल सोना लूटने पर लगी रहती थी।
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मौके पर जांच करती टीम। - फोटो : amar ujala
पुलिस के मुताबिक रंजीत ने अपने गैंग के साथ मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, दिल्ली, हापुड़, सहारनपुर, बागपत, पंजाब व राजस्थान में लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। एक मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई। इसमे वह फरार चल रहा है।

राजस्थान के चुरू में 25 किलो सोना व आठ लाख रुपये लूटने के बाद रंजीत अपने साथी अमजद, शादाब व मोहाली के रहने वाले हनीस ठाकुर के साथ फरार हो गया। बदमाशों को यह नहीं मालूम था कि सोने के जो पैकेट उन्होंने लूटे हैं, उनमे चिप लगी थी। 
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लूटा गया सोना बरामद - फोटो : Amar Ujala bijnor
राजस्थान पुलिस चिप की जीपीएस के माध्यम से बदमाशों की लोकेशन लेती रही। हनीस ठाकुर व शादाब को हिसार में पुलिस ने लूटे गए 25 किलो सोने व छह लाख रुपये, चार पिस्टल, एक कार, व चाकू के साथ दबोच लिया था लेकिन रंजीत व अमजद हाथ नहीं लगे और वहां से भाग निकले। इसके बाद ये हिमाचल और उत्तराखंड में छिपे रहे। 

21 मार्च को रंजीत, शादाब व अनीस समेत पांच बदमाशों ने अमृतसर में सर्राफ के यहां डाका डाला। अमजद उस समय जेल में बंद था। वह इस घटना में शामिल नहीं रहा। इस डकैती में 30 लाख कीमत का सोना लूटा गया। तब से पंजाब पुलिस के साथ राजस्थान पुलिस भी रंजीत व अमजद की तलाश में थी। पर ये दोनों पुलिस के हाथ नहीं लग रहे थे। पुलिस के मुताबिक दोनों बदमाशों पर 30-30 मुकदमे दर्ज हैं और उनकी हिस्ट्रीशीट खुली हुई है।

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बिजनौर में मुठभेड़। - फोटो : amar ujala
लूट में विफल रहने पर भाग गए थे हरिद्वार
पकड़े गए बदमाश अमजद की बिजनौर के मोहल्ला मिर्दगान में ससुराल है। वह ससुराल में खूब आता-जाता है। अमजद के कहने पर ही रंजीत 19 जुलाई को बिजनौर में मुथूट फाईनेंस में सोना लूटने गया था।

दोनों बदमाश बकरीद से पहले रैकी करके गए थे। मुथूट फाईनेंस में विफल होने पर दोनों बदमाश बाइक से हरिद्वार भाग गए। मौके से भागते के बाद रंजीत ने ऐश्वर्य होटल के पीछे अपने कपड़े बदले। 
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मुठभेड़ में घायल रंजीत व उसका साथी - फोटो : Amar Ujala bijnor
रंजीत ने पुलिस को बताया कि अमजद मालतीनगर में था। वहां से दोनों बदमाश हरिद्वार चले गए। हरिद्वार से मुंबई गए और कुछ दिन मुंबई में रहने के बाद वापस हरिद्वार आ गए।

मंगलवार को दोनों बदमाश बाइक से बिजनौर में अमृतसर की डकैती का लूटा गया सोना बेचने आए थे। सोना बिका नहीं तो वापस सोना लेकर हरिद्वार जा रहे थे। तभी पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने रंजीत के पास से बिजनौर की घटना के दौरान पहने लोअर, टीशर्ट व कैप, दोनों पिस्टल बरामद कर ली हैं। 
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पिस्टल बरामद। - फोटो : amar ujala
रंजीत ने पुलिस को बताया कि भागते समय उसे होशराम ने पकड़ लिया था। उसने पिस्टल से गोली चलाई। उसे यह नहीं मालूम कि गोली होशराम को लगी या नहीं।

रंजीत को मालूम था कि मुथूट फाईनेंस में मोटा सोना है। आसानी से वह सोना लूटकर अकेला ले जाएगा और किसी को उन पर शक भी नहीं होगा। अमजद ने ही बिजनौर में लूट करने का रास्ता रंजीत को दिखाया था।
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बाइक बरामद। - फोटो : amar ujala
इनाम देने की घोषणा
एसपी डा. धर्मवीर सिंह ने गैंग को दबोचने वाली टीम में शामिल शहर कोतवाल राधेश्याम, एसएसआई सुनील कुमार, दरोगा जर्रार हुसैन, सिपाही अरविंद, बादल ढ़ाका, स्वॉट टीम के प्रभारी नरेश कुमार समेत पूरी टीम को इनाम देने की घोषणा की है।
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