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NIA Officer Murder Case: दर्दनाक वारदात की खौफनाक सजा, परिजन बोले- अब तंजील और फरजाना की रूह को मिला होगा चैन

Sat, 21 May 2022 06:28 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
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बिजनौर तंजील हत्याकांड। - फोटो : amar ujala
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना की हत्या के मामले में शनिवार को अदालत में आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। आरोपियों को घटना के के छह साल बाद सजा सुनाई है।

पीड़ित परिजन बोले- अदालत के फैसले से तंजील व फरजाना की रूह को मिला होगा चैन
तंजील व उनकी पत्नी फरजाना की गोलियों से भूनकर जघन्य हत्या के मामले में अपराधी रैय्यान व मुनीर को कोर्ट द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने से पीड़ित परिवार ने ईश्वर का शुक्रिया अदा किया। कहा कि अब तंजील और फरजाना की रूह को चैन मिला होगा।
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बिजनौर पुलिस - फोटो : amar ujala
मुकदमे में गवाह और मृतक के चचेरे भाई हसीब शेख ने कहा कि जालिम को फांसी की सजा अल्लाह की रजा है। अदालत के इस निर्णय से मासूम बच्चों को सुकून मिला। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में उनका पूरा यकीन था। आज वास्तव में पूर्ण न्याय मिला है। उन्होंने बताया कि रिश्तेदारों, मिलने वालों के लगातार फोन आ रहे हैं। सभी न्यायालय के निर्णय की तारीफ कर रहे हैं।
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बिजनौर पुलिस - फोटो : amar ujala
सहसपुर के मोहल्ला मौलवियान के रहने वाले तंजील के बहनोई आदिल मोहम्मद और इकबाल अहमद ने न्यायालय के निर्णय को पूर्ण इंसाफ बताते हुए कहा कि ऐसी वारदात की सजा फांसी ही होती है। तंजील के ताऊ के बेटे अनीस अहमद ने अदालत के फैसले को उचित बताते हुए कहा कि वास्तव में अपराधियों का अपराध कम से कम इतनी सजा का तो हकदार था। इस फैसले से समाज में न्यायलय के प्रति आस्था बढ़ी है। ऐसा फैसला जालिमों को उनका अंजाम बताता है।

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tanzil murder case - फोटो : amar ujala
अदालत ने कल किया था दोषी करार
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार ने शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना की हत्या में गैंगस्टर मुनीर और उसके साथी रैय्यान को कोर्ट ने दोषी करार दिया था। इस मामले में तीन अन्य आरोपी तंजीन, जैनी और रिजवान को दोष सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया था। मुनीर और रैय्यान की सजा पर आज फैसला आया। मुनीर और रैय्यान को फांसी की सजा सुनाई गई है।
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बिजनौर पुलिस - फोटो : amar ujala
दो अप्रैल 2016 को एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना खातून की उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वह अपनी भांजी के निकाह में भात की रस्म में शामिल होकर अपने गांव सहसपुर लौट रहे थे। पुलिस ने मुनीर, रैय्यान के साथ तंजीन, जैनी और रिजवान के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इनमें तंजीन, जैनी और रिजवान पर घटना के षड़यंत्र में शामिल होने का आरोप था। 
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आरोपी मुनीर, तंजील अहमद हत्याकांड - फोटो : amar ujala
वहीं छह साल, एक महीना 18 दिन बाद कोर्ट का फैसला आया है। जिला शासकीय अधिवक्ता वरुण राजपूत, आनंद जंघाला व अधिवक्ता जितेंद्र चौधरी के अनुसार इस मामले में तंजील के भाई रागिब मसूद, बेटी जिमनिश और हसीब अहमद सहित 19 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने मुनीर और रैय्यान को दोहरे हत्याकांड का दोषी माना है।
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आरोपी मुनीर, तंजील अहमद हत्याकांड - फोटो : amar ujala
यह था घटनाक्रम
दो अप्रैल 2016 को डिप्टी एसपी तंजील अहमद अपनी पत्नी फरजाना खातून और बेटी जिमनिश (16), बेटे शाहबाज (12) के संग वैगनआर गाड़ी से स्योहारा आए थे। भांजी की शादी की रस्मों में भाग लेने के बाद रात में लगभग साढ़े बारह बजे वह परिवार के साथ अपने गांव सहसपुर के लिए चल दिए। उनके पीछे अपनी गाड़ी से तंजील के भाई रागिब मसूद आ रहे थे। सहसपुर में ताल कटोरा तालाब के पास निर्माणाधीन पुलिया के पास बाइक पर आए दो बदमाशों ने तंजील अहमद और उनकी पत्नी पर गोलियां चला दीं। तंजील और फरजाना को मुरादाबाद के एक हॉस्पिटल में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तंजील को मृत घोषित कर दिया और फरजाना को नोएडा के फोर्टिस अस्पताल रेफर कर कर दिया था, जहां 13 अप्रैल को उन्होंने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
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