मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी।
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बेटे की चाह में हो गया बड़ा परिवार
गोहावर जैत निवासी मजदूर की आर्थिक स्थिति कमजोर है। मगर, परिवार के भरण पोषण के लिए वह दिन रात मेहनत मजदूरी कर पत्नी व बच्चों की जरूरतों को पूरा करने से पीछे नहीं हटा। दूसरी पत्नी के साथ आई बड़ी बेटी विद्या और उससे जन्मे बच्चों में उसने कोई अंतर नहीं समझा। बेटे की चाह में पांच बेटियां हो गई। इसके बाद पुत्र ने जन्म लिया।
का आंगन पांच बहनों विद्या (14), प्रियांशी (13), दिशा (10), रितु (7), पवित्रा (5) व भाई हर्ष करीब डेढ़ वर्ष की किलकारियों से दिन भर आंगन में खेलते बच्चों को किसी की नजर लग गई। या यूं कहें कि होनी को कुछ ओर ही मंजूर था।