सूदखोर अविनाश वाजपेयी से तंग आकर सात मई को पत्नी और दो बच्चों समेत अखिलेश गुप्ता ने आत्महत्या कर ली थी। अखिलेश गुप्ता और अविनाश वाजपेयी उर्फ आकाश के बीच लगभग पिछले एक दशक से दोस्ती थी। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। सुख-दुख के भागीदार भी थे, लेकिन ब्याज के रुपयों और मकान के लालच में अविनाश ने सब कुछ भुला दिया। कुछ परिचितों के मुताबिक अखिलेश गुप्ता और अविनाश वाजपेयी के बीच दोस्ती की कहानी सन 2013 से शुरू हुई थी। अखिलेश दवाओं का व्यापार करता था, जबकि अविनाश ने ब्याज का काम शुरू किया था। अविनाश का कांट क्षेत्र के कुछ दवा व्यापारियों से मिलना-जुलना था।
अखिलेश व अविनाश शहर में कच्चा कटरा के एक दवा व्यापारी के यहां पहली बार मिले थे। फिर तो अक्सर दवा व्यापारियों के यहां अखिलेश और अविनाश की मुलाकात होने लगी। जान-पहचान कुछ ही दिनों में पक्की दोस्ती में तब्दील होती चली गई। अविनाश व्यावहारिक और बातचीत में निपुण है। साथ ही सूद पर रकम दिलाने का काम करता था। इसलिए व्यापारिक हितों के लिए अखिलेश ने उससे दोस्ती बढ़ाई। अखिलेश व अविनाश के साथ कुछ अन्य दवा व्यापारी अक्सर घूमते-फिरते थे। एक ही कार से कई बार दोनों एक साथ मेहंदीपुर बालाजी के दरबार दर्शन के लिए जाते रहे।