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सामूहिक आत्महत्या केस: एक साथ चार शव पहुंचे घर तो मची चीख पुकार, बेटे-बहू को पिता और बच्चों को नाना ने दी मुखाग्नि

Wed, 09 Jun 2021 11:11 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
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shahjahanpur suicide case - फोटो : अमर उजाला
शाहजहांपुर में पूरे परिवार के साथ आत्महत्या करने वाले दवा कारोबारी अखिलेश गुप्ता, पत्नी रेशू और दोनों बच्चों का सोमवार रात में ही पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चारों की मौत की वजह हैंगिंग यानी फंदे से लटकना आया है। मौत का समय भी सोमवार दोपहर 12 से एक बजे के बीच का है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि चारों लोगों की मौत दोपहर 12 के बाद और एक बजे से पहले हुई। चारों की मौत में कुछ मिनटों का अंतर है जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बहुत स्पष्ट नहीं हो सका है। चारों लोगों ने सुबह से सिर्फ चाय पी हुई थी। पेट में चाय जैसा द्रव निकला है। घर के वॉशबेसिन में चाय के आधे भरे हुए कप रखे मिले थे। सुबह से न तो नाश्ता बना था और न ही खाना। बच्चों ने भी केवल चाय पी हुई थी। मंगलवार सुबह चारों शव जब कच्चा कटरा स्थित घर लाए गए तो पूरे माहौल में सिर्फ सिसकियां सुनाई दे रहीं थीं। 
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पिता और नाना ने दी परिवार को मुखाग्नि - फोटो : अमर उजाला
एक साथ चार शवों और रोते-बिलखते परिजनों को देखकर मोहल्ले वालों की आंखें भी भर आईं। हंसते-खेलते परिवार की इस तरह से विदाई देखकर सबकी रुलाई छूट रही थी। सुबह करीब आठ बजे परिजन और मोहल्ले वाले चारों शवों को डीसीएम से गर्रा नदी किनारे स्थित मोक्षधाम तक लाए। एक चिता पर अखिलेश और उनकी पत्नी रेशू के शव को रखा गया। दोनों बच्चों शिवांग और अर्चिता के शव को एक चिता पर रखा गया। बेटा बहू को पिता अशोक गुप्ता ने और नाती-नातिन को नाना अनूप गुप्ता ने मुखाग्नि दी। रेशू के भाई अमन और प्रतीक हैं। रेशू गुप्ता कन्नौज के हरी नगर, ओल्ड पोस्ट ऑफिस के पास रहने वाले पिता अनूप गुप्ता की इकलौती बेटी थी। रेशू के दो भाई अमन और प्रतीक हैं। 
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जब घर पहुंचे चारों शव मची चीख पुकार - फोटो : अमर उजाला
परिवार को सांत्वना देने पहुंचे कई लोग
अखिलेश गुप्ता के घर और अंत्येष्टि स्थल पर कई लोग सांत्वना देने पहुंचे थे। सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अजय यादव समेत तमाम लोगों ने परिवार को ढांढस बंधाया। इस दौरान व्यापारी नेता, केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्य भी मौजूद रहे।

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shahjahanpur suicide case - फोटो : अमर उजाला
बेटे की अंतिम निशानी के तौर पर मकान सहेजेंगे पिता अशोक गुप्ता
पूरे परिवार के साथ आत्महत्या करने वाले दवा कारोबारी अखिलेश गुप्ता के पिता अशोक मकान को न बेचेंगे और न सूदखोर के हाथ में जाने देंगे। उन्होंने कहा कि वह फरीदपुर स्थित अपने मकान को बेचकर बेटे के मकान में शिफ्ट होने पर भी विचार कर रहे हैं। जिस मकान में बेटे ने परिवार के साथ आत्महत्या की वह उसकी अंतिम निशानी है जिसे वह सहेजेंगे। अखिलेश के पिता डॉ. अशोक गुप्ता और मां विजया गुप्ता ‘मीरा’ अब बुजुर्ग हो चले हैं। दोनों ने बेटे अखिलेश, चार बेटियों की शादी कर जिम्मेदारी पूरी कर ली थी। दोनों बरेली के फरीदपुर क्षेत्र के ऊंचा मोहल्ले में रहते हैं। पिता अशोक गुप्ता ने बताया कि काफी लंबे समय से पत्नी के साथ अकेले घर में रह रहे थे।
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shahjahanpur suicide case - फोटो : अमर उजाला
कुछ वक्त पहले फरीदपुर का घर बेचने का मन बनाया था। कई लोगों से घर बेचने के लिए बोला भी था। सोचा था कि यहां का मकान बेचकर शाहजहांपुर के चौक कोतवाली स्थित कच्चा कटरा में बेटे-बहू और पोती-पोते के साथ रहा जाएगा। मकान बेचने से जो रकम मिलेगी उसमें से बेटे के मकान की तीसरी मंजिल बनवाकर साथ रहेंगे। बीएएमएस डॉक्टर अशोक गुप्ता शाहजहांपुर में ही मेडिकल प्रैक्टिस का मन बनाए हुए थे। इससे बेटे के कारोबार में भी मदद मिलती। पिता अशोक गुप्ता कहते हैं कि 12 लाख रुपये लेने पर आखिर एक करोड़ का हिसाब कैसे बना दिया। किस बात के सूदखोर 70 लाख रुपये मांग रहा था। उसने जबरन घर की रजिस्ट्री भी करा ली थी। अब वह आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। अशोक गुप्ता ने अपने बेटे के घर को सूदखोर के चंगुल से वापस लेने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। अशोक गुप्ता ने कहा कि अगर कभी बेटा अपनी परेशानी के बारे मे बताता तो वह उसको परेशानी से निकालने के लिए फरीदपुर का मकान बेच देते। उनके पास जो कुछ है सब बेटे का ही था। लेकिन अफसोस है कि उसने अपने परेशानी की कभी भनक नहीं लगने दी।
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