उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में दंपती और दो बच्चों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी सूदखोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे अल्हागंज थाना क्षेत्र के हुल्लापुर चौराहे से मंगलवार शाम चार बजे गिरफ्तार कर लिया है। सात जून की दोपहर चौक कोतवाली क्षेत्र के कच्चा कटरा मोहल्ले में रहने वाले दवा कारोबारी अखिलेश गुप्ता (42) ने पत्नी रेशू (40), बेटा शिवांग (12) और छह साल की बेटी अर्चिता के साथ नवनिर्मित मकान में फंदे से लटककर जान दे दी थी। अखिलेश के पास से मिले सुसाइड नोट में उसने अपने परिवार की मौत का जिम्मेदार कांट थानाक्षेत्र के मोहल्ले मरहइया के रहने वाले अविनाश वाजपेयी को बताया था। सुसाइड नोट के मुताबिक अविनाश से उसने उधार 12 लाख रुपये लिए थे जिसके 37 लाख रुपये देने के बावजूद 70 लाख रुपये वह मांग रहा था। सूदखोर के उत्पीड़न से त्रस्त आकर अखिलेश ने परिवार समेत फंदे से लटककर जान दी थी।
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आरोपी सूदखोर
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को ही एसपी एस आनंद ने सूदखोर अविनाश की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी थी। कांट थाने में अविनाश के भाई से पूछताछ की गई। पुलिस टीम ने मंगलवार शाम करीब चार बजे अविनाश वाजपेयी को अल्हागंज के हुल्लापुर चौराहे से गिरफ्तार कर लिया है। एसपी एस आनंद ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
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shahjahanpur suicide case
- फोटो : अमर उजाला
साथ में बिजनेस करता था सूदखोर, मुनाफा खुद रखता था
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अखिलेश का दवाइयों का अच्छा काम था। आसपास के कुछ जिलों में भी उसकी सप्लाई जाती थी।
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- फोटो : अमर उजाला
सूदखोर ने दवाइयों में अच्छे प्रॉफिट को देखकर अखिलेश के साथ पार्टनरशिप कर ली थी लेकिन वह अखिलेश को होने वाले मुनाफे की रकम खुद के पास रखता था। अखिलेश के पास मिली डायरी के अधिकतर पन्नों में सूदखोर को दिए गए रुपये का हिसाब मिला है।