बूचड़खाना सील किया
डॉ. तिवारी के मुताबिक रविवार सुबह तक जांच के लिए वांछित अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया था। रविवार सुबह वह मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ फिर जांच के अल्ट्रासाउंड केंद्र पहुंचे।
वहां सेंटर निदेशक संचालिका डॉ. माधवी मित्तल नहीं थी, लेकिन सोनोग्राफी कक्ष खुला था। यह नियमत: गलत है। दूसरे दिन भी वहां मौजूद कर्मचारी जांच में पंजीकरण, सोनोग्राफी संबंधी विवरण नहीं दे सके। न ही जांच के लिए अभिलेख उपलब्ध कराए। इन गड़बड़ियों पर अल्ट्रासाउंड केंद्र सील किया गया। कार्रवाई के बाद कर्मचारियों ने बताया कि डॉ. माधवी शहर से बाहर गई हैं।