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Ganpati pujan 2021 : संगमनगरी के पंडालों में पहुंचे इको फ्रेंडली प्रथम पूज्य गणेश

Thu, 09 Sep 2021 10:47 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कोविड प्रोटोकॉल के बीच गणेश प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके लिए पूजा समितियों की ओर से तैयारी की गई है। कर्नलगंज में भरद्वाजेश्वर महादेव मार्ग स्थित मूर्तिकला केंद्र से बृहस्पतिवार की देर रात तक गणेश प्रतिमाएं ट्रालियों, खुले वाहनों में रखकर ले जाई जाती रहीं।
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Ganpati puja 2021 : प्रयागराज में गणेश पूजन के लिए मूर्ति ले जाते भक्त। - फोटो : प्रयागराज
संगमनगरी में इस बार सार्वजनिक पूजा स्थलों से लेकर घरों तक शुक्रवार को इको फ्रेंडली प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना होगी। शहर पर बृहस्पतिवार को ही गणपति महोत्सव का रंग चढ़ गया। देर शाम बाजे गाजे के साथ इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं पूजा स्थलों पर पहुंचाई गईं। इसी के साथ गणपति बप्पा मोरिया के जयकारे गूंजने लगे। शुक्रवार को चतुर्थी तिथि में विघ्नहर्ता गणेश के विविध रूपों की प्राण-प्रतिष्ठा कर10 दिवसीय महोत्सव की शुरुआत होगी।
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Ganpati puja 2021 : प्रयागराज में गणेश पूजन के लिए मूर्तियों को अंतिम रूप देता कलाकार। - फोटो : प्रयागराज
कोविड प्रोटोकॉल के बीच गणेश प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके लिए पूजा समितियों की ओर से तैयारी की गई है। कर्नलगंज में भरद्वाजेश्वर महादेव मार्ग स्थित मूर्तिकला केंद्र से बृहस्पतिवार की देर रात तक गणेश प्रतिमाएं ट्रालियों, खुले वाहनों में रखकर ले जाई जाती रहीं। कीडगंज के निरंकार आश्रम, हंडिया बाबा मंदिर के अलावा मलाकराज में गणेश प्रतिमाएं पहुंचा दी गईं। नव युवक संघ गणेश पूजन समिति मलाकराज के अध्यक्ष शनि सोनकर इंद्रभान, रवि भूषण, रवि शंकर, संदीप, गोलू और शानू व्यवस्था में जुटे रहे।
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Ganpati puja 2021 : प्रयागराज में गणेश पूजन के लिए मूर्तियों को अंतिम रूप देता कलाकार। - फोटो : प्रयागराज
इसी तरह बैरहना, कीडगंज, बेली, पीपलगांव, करेलाबाग समेत कई इलाकों में गणेश प्रतिमाओं को उत्साह से लाया गया। कोलकाता से आए मूर्तिकार गौतम पाल ने इस बार आर्डर पर 60 गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया है। गौतम के मुताबिक इस बार पंडालों में इको फ्रेंडली प्रतिमाएं ही स्थापित की जा रही हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से प्रतिमाओं का आकार भी घटा दिया गया है। साथ ही किसी तरह के रासायनिक रंगों का इस्तेमाल प्रतिमाओं में नहीं किया गया है। गंगा की मिट्टी,पुआल से बनी प्रतिमाओं पर गेरू, खड़िया और पीली मिट्टी से तैयार रंगों का इस्तेमाल किया गया है, ताकि इन प्रतिमाओं के विसर्जन से किसी तरह का प्रदूषण फैलने का खतरा न रहे।

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Prayagraj News : गणपति पूजा के लिए प्रतिमा तैयार करते कलाकार। - फोटो : प्रयागराज
इस बार की गणेश प्रतिमाएं इको फ्रेंडली ही बनाई गई हैं। गंगा, यमुना व अन्य नदियों-जलाशयों में विसर्जन पर रोक को देखते हुए इको फ्रेंडली प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। इन प्रतिमाओं पर सिंथेटिक कलर की बजाए हल्दी, गेरू, चूना और पीली मिट्टी से तैयार रंगों का इस्तेमाल किया गया है। तापस पाल, मूर्तिकार-कर्नलगंज।

मोर पंख पर के आसन पर दर्शन देंगे बैरहना के राजा
बैरहना के राजा इस बार मोरपंख पर भक्तों को दर्शन देंगे। सार्वजनिक गणेश महोत्सव समिति पुराना बैरहना की चार फीट ऊंची प्रतिमा इस बार इको फ्रेंडली होने के साथ ही मोरपंख के आसन पर विराजित होगी।

शुक्रवार से 14 सितंबर तक पांच दिवसीय गणेश महोत्सव कोविड प्रोटोकॉल के बीच मनाया जाएगा। पूजा समिति के संयोजक आशीष पांडेय के अनुसार आचार्य चोटी पंडित प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा कराएंगे। पहले दिन एक क्विंटल बेसन के लड्डू का भोग लगेगा। 13 सितंबर को महाप्रसाद का वितरण होगा। प्रतिमा की स्थापना में पर संरक्षक प्रदीप पांडेय, कैलाश चंद्र पांडेय, राहुल पांडेय, तीर्थराज पांडेय, प्रशांत पांडेय, सुमित मिश्रा, प्रशांत केसरी, ज्योत प्रकाश, राकेश साहू, विशाल शर्मा, अरुण शर्मा, हरि शंकर सोनी, राम जी शामिल होंगे।
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गणपति मंदिर - फोटो : Pixabay
त्रिपौलिया हनुमान मंदिर में गणेश सहस्त्रनाम का पाठ आज से
त्रिपोलिया स्थित प्राचीन वैदिक पाठशाला हनुमान मंदिर परिसर में भी गणपति महोत्सव होगा। पं. सौरभ पाठक के आचार्यत्व में शुक्रवार को गणेश चतुर्थी पर गणेश वंदना के बाद गणेश सहस्त्रनाम का पाठ आरंभ होगा। मुख्य यजमान राजू अग्रवाल होंगे।
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