Prayagraj News : गणपति पूजा के लिए प्रतिमा तैयार करते कलाकार।
- फोटो : प्रयागराज
इस बार की गणेश प्रतिमाएं इको फ्रेंडली ही बनाई गई हैं। गंगा, यमुना व अन्य नदियों-जलाशयों में विसर्जन पर रोक को देखते हुए इको फ्रेंडली प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। इन प्रतिमाओं पर सिंथेटिक कलर की बजाए हल्दी, गेरू, चूना और पीली मिट्टी से तैयार रंगों का इस्तेमाल किया गया है। तापस पाल, मूर्तिकार-कर्नलगंज।
मोर पंख पर के आसन पर दर्शन देंगे बैरहना के राजा
बैरहना के राजा इस बार मोरपंख पर भक्तों को दर्शन देंगे। सार्वजनिक गणेश महोत्सव समिति पुराना बैरहना की चार फीट ऊंची प्रतिमा इस बार इको फ्रेंडली होने के साथ ही मोरपंख के आसन पर विराजित होगी।
शुक्रवार से 14 सितंबर तक पांच दिवसीय गणेश महोत्सव कोविड प्रोटोकॉल के बीच मनाया जाएगा। पूजा समिति के संयोजक आशीष पांडेय के अनुसार आचार्य चोटी पंडित प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा कराएंगे। पहले दिन एक क्विंटल बेसन के लड्डू का भोग लगेगा। 13 सितंबर को महाप्रसाद का वितरण होगा। प्रतिमा की स्थापना में पर संरक्षक प्रदीप पांडेय, कैलाश चंद्र पांडेय, राहुल पांडेय, तीर्थराज पांडेय, प्रशांत पांडेय, सुमित मिश्रा, प्रशांत केसरी, ज्योत प्रकाश, राकेश साहू, विशाल शर्मा, अरुण शर्मा, हरि शंकर सोनी, राम जी शामिल होंगे।