तीन दिन बाद करवाचौथ थी, मैं भी इसकी तैयारी कर रही थी, लेकिन मेरी तो दुनिया ही उजड़ गई। इतना कहते ही सोनम फफक पड़ी। पास में बैठी इनकी जेठानी दीपा और जया ने उन्हें बमुश्किल संभाला। रोते-रोते सोनम गुमसुम भी हो जाती। मृतक अरुण की पत्नी सोनम अपने परिजनों के साथ तड़के से ही पोस्टमार्टम हाउस पर थी। बार-बार सोनम कहती कि मेरे पति को पुलिस ने मार दिया..., थाने में साफ-सफाई के महज 600-700 रुपये ही मिलते थे, मैंने कई बार मना किया कि इतने रुपयों में क्या होगा, कहीं और काम देख लो, लेकिन मेरी एक नहीं सुनी। करवाचौथ को लेकर वह बेहद खुश थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिसवालों ने मेरी मांग सूनी कर दी। इनकी जेठानी दीपा ने बताया कि मिलनसार स्वभाव था, पुलिसवाले साफ-सफाई के अलावा थाने का अन्य कार्य भी कराते थे। थाना जगदीशपुरा के मालखाना में 17 अक्तूबर की रात चोरी हो गई थी। पुलिस चोर की तलाश में लगी थी। पुलिस की विवेचना में अरुण का नाम सामने आया। वह लोहामंडी स्थित पुल छिंगामोदी, वाल्मीकि बस्ती के रहने वाला था। घटना के बाद से फरार था। पुलिस ने मंगलवार दोपहर आरोपी को हिरासत में ले लिया। उसे थाने लाकर पूछताछ की जा रही थी।