फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पत्नी को करा रहे थे तैयारी, खुद बन गए अधिकारी, पढ़िए पीसीएस में सफल युवाओं की कहानी

Sat, 23 Feb 2019 01:10 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 9
selected candidates in pcs
उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की पीसीएस-2016 की परीक्षा में ताजनगरी का शतक लगा है। आगरा में रहने वाले और यहां रहकर पढ़ाई करने वाले 100 से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में सफलता पाई है। कई लोगों को महत्वपूर्ण पद मिले हैं। सेंटर फॉर एंबिशन के निदेशक अमित सिंह के मुताबिक उनके यहां तैयारी करने वाले 51 अभ्यर्थियों को पीसीएस 2016 की परीक्षा में सफलता मिली हैं। वहीं बाजीराव एंड रेड्डी इंस्टीट्यूट के एसएस चौधरी का कहना है कि उनके यहां अध्ययनरत 49 छात्रों ने इस परीक्षा में सफलता पाई है। 
 
विज्ञापन

2 of 9
मनमोहन यादव को जिला ऑडिट अधिकारी का पद मिला
महर्षिपुरम् निवासी मनमोहन यादव को जिला ऑडिट अधिकारी का पद मिला है। यह वर्ष 2013 से बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट पद पर तैनात हैं। मनमोहन यादव के मुताबिक उनकी पत्नी कुलदीप कौर पीसीएस की तैयारी कर रही थीं। वह पत्नी को तैयारी करा रहे थे। पति-पत्नी दोनों ने साक्षात्कार दिया था। पत्नी का चयन नहीं हो पाया। मनमोहन का कहना है कि कुलदीप कौर की मेहनत भी जरूर रंग लाएगी। मनमोहन के पिता दलवीर सिंह यादव पुलिस में सिपाही थे। मां ग्यासीदेवी गृहणी हैं। 
विज्ञापन

3 of 9
सौरभ सिंह को एसडीएम पद मिला
सेंटर फॉर एंबिशन से तैयारी करने वाले सौरभ सिंह को एसडीएम पद मिला है। वह बलिया जिले के बरेंवा गांव के रहने वाले हैं। पिता परमात्मानंद सिंह जूनियर हाईस्कूल में लिपिक हैं। मां सुमन बेसिक एडेड स्कूल में अध्यापिका हैं। सौरभ ने दूसरे प्रयास में ही सफलता अर्जित की। वह वर्ष 2014 से तैयारी कर रहे थे। इनको प्रदेश में आठवीं रैंक हासिल की है। यह आईएएस बनना चाहते हैं। सौरभ सिंह का तैयार करने वाले अभ्यर्थियों के लिए संदेश है कि कड़ी मेहनत की सफलता का मूलमंत्र है। 

4 of 9
अजय संतोषी को नायब तहसीलदार का पद मिला
ट्रांस यमुना कॉलोनी, फेस-टू के रहने वाले अजय संतोषी को नायब तहसीलदार का पद मिला है। उनके पिता रमेश सिंह संतोषी यूपी वेयर हाउसिंग कोआपरेशन से सेवानिवृत्त हैं। मां शीला देवी गृहणी हैं। अजय संतोषी का तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए संदेश है कि वह अपनी असफलता से घबराएं नहीं। आखिर कब तक असफलता मिलेगी। लक्ष्य बनाकर जुटे रहेंगे तो सफलता जरूर हासिल होगी। अजय संतोषी का कहना है कि उन्होंने पीसीएस-2017 की परीक्षा भी दी है। उसमें भी अच्छा परिणाम आने की संभावना है। 
विज्ञापन

5 of 9
सतीश बघेल को असिस्टेंट कमिश्नर का पद मिला
इरादत नगर अहिरपुरा के रहने वाले सतीश बघेल को असिस्टेंट कमिश्नर का पद मिला है। यह मथुरा में वर्ष 2015 से नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हैं। इनका कहना है कि सेवा में रहते हुए तैयार करना चुनौतीपूर्ण होता है। मेहनत करने पर सफलता जरूर मिलती है। मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। लक्ष्य बनाकर पढ़ाई करनी चाहिए। सतीश के पिता रामनाथ बघेल सेवानिवृत्त शिक्षक हैं और बड़े भाई आर्मी में तैनात हैं। 
विज्ञापन

6 of 9
रोहित प्रकाश सक्सेना को जिला प्रशासनिक अधिकारी का पद
बोदला के सेक्टर-चार में रहने वाले रोहित प्रकाश सक्सेना को जिला प्रशासनिक अधिकारी का पद मिला है। इनके नाम कई उपलब्धियां हैं। यह वर्ष 2013 में कौन बनेगा करोड़पति में हिस्सा ले चुके हैं। सेंट जोंस कॉलेज से परास्नातक किया। वर्ष 2011 से वर्ष 2014 तक लगातार विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल से चल बैजयंती ट्राफी प्राप्त की। दो बार नेट जेआरएफ उत्तीर्ण कर चुके हैं। आईएएस बनना चाहते है। पिता संजीव सक्सेना तहसील सदर में दस्तावेज लेखक हैं और मां सीमा सक्सेना गृहणी हैं। 
विज्ञापन

7 of 9
राघवेंद्र गुर्जर को जिला लेखा परीक्षक का पद मिला
फतेहाबाद के गांव गड़ी दरियाव के रहने वाले राघवेंद्र गुर्जर को जिला लेखा परीक्षक का पद मिला है। इन्होंने सेवा में रहते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। यह दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्रालय में तैनात हैं। राघवेंद्र गुर्जर ने तीसरे प्रयास में पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण की। इनके पिता गिर्राज सिंह गुर्जर आगरा में वन विभाग में दरोगा के पद पर तैनात हैं। राघवेंद्र सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रहे रामसकल गुर्जर के भतीजे हैं। इनका तैयारी करने वाले छात्रों के लिए संदेश हैं, लक्ष्य बनाकर पढ़ाई करें, सफलता मिलेगी। 

8 of 9
राजेश कुमार को डिप्टी एसपी का पद मिला
सेंटर फॉर एंबिशन में तैयारी करने वाले राजेश कुमार को डिप्टी एसपी का पद मिला है। यह प्रयागराज के रहने वाले हैं। राजेश कुमार वर्तमान में दीनदयाल उपाध्याय मॉडल स्कूल, फतेहपुर में शिक्षक के पद पर तैनात हैं। सेवा में रहकर इन्होंने कठिन परिश्रम किया और सफलता हासिल की। इनका छात्र-छात्राओं के लिए संदेश है कि पहले वह लक्ष्य निर्धारित करें, उसे पाने के पूरे मनोयोग से प्रयास करें। हो सकता है कि कुछ समय लग जाए, पर सफलता जरूर मिलेगी। 
 
विज्ञापन

9 of 9
प्रियंका सिंह
पब्लिक सर्विस कमीशन 2016 का नतीजा शुक्रवार शाम को आया तो नगला करन सिंह निवासी सेवानिवृत्त बैंककर्मी मुन्नालाल के घर में खुशियां छा गईं। उनकी बेटी प्रियंका सिंह 49 वीं रैंक पाकर एसडीएम बन गई हैं। प्रियंका सिंह वर्तमान में आगरा में असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर पद पर तैनात हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें