जिस दिन शहर की सड़कों पर उफनते सीवर को देखने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली से टीम आई, उसी दिन ताजनगरी की सड़कों पर सीवर उफनता रहा। चेन्नई की निजी कंपनी वीए टेक वबाग के कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते शुक्रवार को पुराने शहर में सीवर सफाई का कार्य ठप रहा। कोई शिकायत दूर नहीं हो पाई। इससे पुराने शहर समेत शहर के बड़े हिस्से में नारकीय हालात बन गए।
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उफनता सीवर
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को पीपल मंडी, छत्ता बाजार काशी, गोला गली, फुव्वारा, नूरी दरवाजा, बांस दरवाजा, सिंगी गली, नाला पीपलमंडी, मंडी सईद खां, नाई की मंडी, आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 6, 7, 11, 13, 15 में सीवर ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहता रहा। वबाग की ओर से ठेके पर लिए गए कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने के कारण उन्होंने काम बंद कर दिया था।
शिकायतों की संख्या बढ़ती रही, लेकिन समाधान नहीं हुआ। शहर में 40 से ज्यादा पार्षदों ने वबाग की कार्य प्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने वबाग के प्रोजेक्ट मैनेजर से शिकायत की लेकिन दोपहर तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
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जेट पंप से की गई सफाई
- फोटो : अमर उजाला
किराए पर लीं जलकल की मशीनें
सीवर सफाई का काम ठप हो जाने और दिल्ली से सुप्रीम कोर्ट की टीम के निरीक्षण के चलते वबाग कंपनी के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने वबाग पर दबाव बनाया तो आनन-फानन में जलकल विभाग से मदद मांगी। जलकल की तीन जेटिंग कम सक्शन मशीनें किराए पर ली गईं। कंपनी के कर्मचारियों को दोपहर बाद मनाकर सफाई शुरू कराई गई। उनके पास सामान न होने के कारण भी सफाई में दिक्कतें आईं।
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सीवर को सही करते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
चार विभागों ने डाली सीवर लाइनें, कनेक्ट एक ने भी नहीं की
शहर में जल निगम यमुना प्रदूषण नियंत्रण इकाई, आवास विकास परिषद, नगर निगम और आगरा विकास प्राधिकरण ने अलग-अलग क्षेत्रों में सीवर लाइनें डाली हैं। आपस में समन्वय न होने और सीवर लाइनों का पुराना नक्शा न होने के कारण कॉलोनियों में डाली गईं लाइनें जहां की तहां छोड़ दी गईं। मेन लाइन से कनेक्ट न होने के कारण आवास विकास कॉलोनी, शहीद नगर, बल्केश्वर, राजा की मंडी, ताजगंज क्षेत्र में सीवर लाइन चोक होने और ओवरफ्लो होने की शिकायतें ज्यादा हैं।
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उफनता सीवर
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार से शिकायतों पर तुरंत होगी कार्रवाई
वीए टेक वबाग ने 15 दिसंबर से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और जनवरी में सीवरेज नेटवर्क का हैंडओवर किया था। एक महीने में भी कंपनी न तो कर्मचारियों की नियुक्ति ही कर पाई और न ही मशीनें ला पाई। वबाग के नेटवर्क मैनेजर राजेंद्र कुमार आर्या के मुताबिक कंपनी के पास शुक्रवार तक सात जेटिंग कम सक्शन मशीनें हो गई हैं। सोमवार तक नई सक्शन मशीनें भी आ जाएंगी। तब लोगों की शिकायतों को दूर करने में परेशानी नहीं आएगी। टोल फ्री नंबर और ऑनलाइन शिकायतों को दूर करना प्राथमिकता है। लोग भी इन पर शिकायत दर्ज कराएं।
आवास विकास में सड़कों पर सीवर का पानी
- फोटो : अमर उजाला
किसी शिकायत का समाधान नहीं किया
हमारे पीपल मंडी क्षेत्र में वबाग ने किसी शिकायत का समाधान नहीं किया। छह गलियों में सीवर ओवरफ्लो हो रहा है। लोगों का घरों में बैठना मुश्किल हो गया है और कंपनी जवाब तक नहीं दे रही। - रवि बिहारी माथुर, पार्षद, पीपलमंडी
सीवर घरों में बैक मार रहा है। सुबह से लोग परेशान है। टॉयलेट नहीं जा पा रहे। वबाग कंपनी ने परेशानी दूर करने की जगह बढ़ा दी है। न कर्मचारी हैं और न ही सामान। दो महीने में यह व्यवस्था नहीं कर पाए। - राकेश जैन, पार्षद, मोतीगंज
नूरी दरवाजे पर सीवर उफान मार रहा है। नरक बन चुका है, लेकिन वबाग ने शिकायत सुनी तक नहीं। लोग परेशान हैं। सरकारी व्यवस्था में फिर भी सुनवाई थी, लेकिन वबाग कोई शिकायत अटैंड नहीं कर रही- प्रवीन पटेल, पार्षद, नूरी गेट
मैंने खुद 4 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई, पर 100 घंटे बाद भी वबाग के कर्मचारी नहीं आ सके। हमारी मांग है कि कंपनी को सदन में बुलाया जाए और उनसे जवाब मांगा जाए। कंपनी पर कर्मचारी और मशीनरी नहीं है। - शरद चौहान, पार्षद, लोहामंडी