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Agra Suicide Case: आठ साल की बच्ची ने लिखा था मां के कहने पर सुसाइड नोट, रुला देगी पति-पत्नी और बेटी के दर्दनाक अंत की ये कहानी

Fri, 08 Jul 2022 10:38 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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सामूहिक आत्महत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
आगरा की आवास विकास कॉलोनी में पति-पत्नी और बेटी की आत्महत्या के मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है। पुलिस को घर में छानबीन के दौरान एक कॉपी में सुसाइड नोट लिखा मिला है। यह सुसाइड नोट मृतक की पत्नी द्वारा लिखाया गया था। पुलिस मान रही है कि गीता ने सुसाइड नोट बेटी सृष्टि से लिखवाया था। गीता के नाम के पास अंगूठा लगा था।

आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-10 (सिकंदरा) में सोनू शर्मा, उसकी पत्नी गीता देवी और बेटी सृष्टि ने मंगलवार रात फांसी लगा ली थी। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों की अर्थियां उठीं। ये दृश्य झकझोर देने वाला था। वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। ये साफ था कि बेरोजगारी और अर्थिक तंगी से परेशान सोनू ने पत्नी और बेटी के साथ घर में खुदकुशी की थी। बुधवार सुबह 10 साल के बेटे श्याम के बताने पर लोगों को घटना की जानकारी हो सकी थी। पुलिस को मौके से मिले सुसाइड नोट में गीता ने आत्महत्या की वजह लगभग साफ कर दी थी। पुलिस मान रही कि गीता ने सुसाइड नोट बेटी सृष्टि से लिखवाया था। गीता के नाम के पास अंगूठा लगा था।
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बेटे-बहू और नातिन की मौत पर बिलखती मां - फोटो : अमर उजाला

तीनों का किया गया अंतिम संस्कार 

सोनू के जीजा विजय कुमार ने बताया कि रात करीब 11 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो पाई थी। बृहस्पतिवार सुबह सात बजे ताजगंज स्थित विद्युत शवदाह गृह में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। सभी रस्में बेटे शिवम ने पूरी कीं। सोनू के माता-पिता का हाल बेहाल है। मां बस एक ही बात कह रही है कि बेटा एक बार उसे अपनी परेशानी बता देता, वह उसे दूर कर देती। 

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मृतकों के परिजन - फोटो : अमर उजाला

पिता ने नहीं खाया था खाना 

श्याम ने पुलिस को बताया था कि मंगलवार रात को पापा ने खाना नहीं खाया था। मां-बहन और उसने रात करीब नौ बजे खाना खाया। इसके बाद 11 बजे सो गया था। सुबह नींद खुली तो सभी को फंदे से लटके देखा। सिकंदरा थाने के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार सैनी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी है। गीता देवी और सृष्टि के पेट में अधपचा खाना था। डॉक्टर के अनुसार, खाना पचने में तीन से चार घंटे का समय लगता है। इससे लगता है कि मंगलवार रात ही फांसी लगाई गई। 

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सोनू का बेटा और उसकी मां - फोटो : अमर उजाला

बेटे के सोने का किया इंतजार 

बेटा श्याम खुदकुशी के लिए तैयार नहीं हुआ था। सुसाइड नोट में भी यह बात लिखी है। इस वजह से दंपती ने उसके सो जाने का इंतजार किया। उसके सोने के बाद तीनों फंदे से लटक गए। पुलिस का कयास है कि पहले बेटी और पिता फंदे पर लटका होगा। इसके बाद गीता देवी ने फांसी लगाई। उनका शव कुछ फीट की दूरी पर था।
 
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सोनू के कमरे में पड़ी बच्चों की कॉपी किताबें - फोटो : अमर उजाला

पढ़ना चाहती थी सृष्टि

मां, पिता और बहन की मौत के बाद से श्याम गुमसुम है। वह कभी भी रोने लगता है। घर आने वाले हर किसी व्यक्ति को देखता है। अचानक रोने लगता है। दादी से लिपट जाता है। वह उसे संभाल रही हैं। परिजनों ने बताया कि सृष्टि पढ़ना चाहती थी। वह आए दिन मां-पापा से बोलती थी कि उसे स्कूल जाना है। कॉपी में कुछ न कुछ लिखती रहती थी। स्कूल नहीं जाती थी लेकिन पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करती थी। भाई से उसका इस बात को लेकर झगड़ा होता था कि वह उसकी किताब-कॉपी ले लेता था। उन पर कुछ लिख देता था। मगर, आठ दिन से बहन ने उससे झगड़ा बंद कर दिया था। बोलती थी कि पढ़ लिखकर कुछ बनना है।

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जमीन पर पड़े शव, जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

सुसाइड नोट की शुरूआत में  लिखा था सबसे पहले भगवान 

सृष्टि ने अपनी कॉपी में एक जगह लिखा था कि सबसे पहले भगवान। पुलिस मान रही है कि मां ने बेटी को यह कहकर तैयार किया होगा कि सबसे पहले भगवान हैं। उनके पास चलेंगे। वहां कोई दुख नहीं होगा। गीता ने सोनू से प्रेम विवाह किया था। इस कारण गीता से उसके परिजन नाराज थे। परिवार के लोगों का कहना है कि बेटी की मौत की खबर पर भी मायके से कोई नहीं आया।
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