आगरा में आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 10 (सिकंदरा) में सोनू शर्मा, उसकी पत्नी गीता देवी और बेटी सृष्टि ने मंगलवार रात फांसी लगा ली थी। बृहस्पतिवार को तीनों की अर्थियां उठीं तो मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। वहीं अकेला बचा 10 साल का श्याम बिलख पड़ा। सोनू की मां कांता बेहोश हो गईं। विद्युत शवदाह गृह में तीनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
बेरोजगारी और अर्थिक तंगी से परेशान सोनू ने पत्नी और बेटी के साथ घर में खुदकुशी की थी। बुधवार सुबह 10 साल के बेटे श्याम के बताने पर लोगों को घटना की जानकारी हो सकी थी। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में गीता ने आत्महत्या की वजह लगभग साफ कर दी थी। पुलिस मान रही कि गीता ने सुसाइड नोट बेटी सृष्टि से लिखवाया था। गीता के नाम के पास अंगूठा लगा था।
सोनू के जीजा विजय कुमार ने बताया कि रात करीब 11 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो पाई थी। बृहस्पतिवार सुबह सात बजे ताजगंज स्थित विद्युत शवदाह गृह में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। सभी रस्में बेटे शिवम ने पूरी कीं। सोनू के माता- पिता का हाल बेहाल है। मां बस एक ही बात कह रही है कि बेटा एक बार उसे अपनी परेशानी बता देता, वह उसे दूर कर देती।
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मृतकों के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में निकली फांसी
श्याम ने पुलिस को बताया था कि मंगलवार रात को पापा ने खाना नहीं खाया था। मां-बहन और उसने रात करीब नौ बजे खाना खाया। 11 बजे सो गया था। सुबह नींद खुली तो सभी को फंदे में लटके देखा। सिकंदरा थाने के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार सैनी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी है। गीता देवी और सृष्टि के पेट में अधपचा खाना था। डॉक्टर के अनुसार, खाना पचने में तीन से चार घंटे का समय लगता है। इससे लगता है कि मंगलवार रात ही फांसी लगाई गई।
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सामूहिक आत्महत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
दंपती ने बेटे के सोने का इंतजार किया
बेटा श्याम खुदकुशी के लिए तैयार नहीं हुआ था। सुसाइड नोट में भी यह बात लिखी है। इस वजह से दंपती ने उसके सो जाने का इंतजार किया। उसके सोने के बाद तीनों फंदे पर लटक गए। पुलिस का कयास है कि पहले बेटी और पिता फंदे पर लटके। इसके बाद गीता देवी ने फांसी लगाई। उनका शव कुछ फीट की दूरी पर था।
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बेटे-बहू और नातिन की मौत पर बिलखती मां
- फोटो : अमर उजाला
गुमसुम है श्याम, पढ़ना चाहती थी सृष्टि
मां, पिता और बहन की मौत के बाद से श्याम गुमसुम है। वह कभी भी रोने लगता है। घर पर आने वाले हर किसी को देखता है। अचानक रोने लगता है। दादी से लिपट जाता है। वह उसे संभाल रही हैं। परिजन ने बताया कि सृष्टि पढ़ना चाहती थी। वह आए दिन मां-पापा से बोलती थी कि उसे स्कूल जाना है। कापी में कुछ न कुछ लिखती रहती थी। स्कूल नहीं जाती थी लेकिन पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करती थी। भाई से उसका इस बात को लेकर झगड़ा होता था कि वह उसकी किताब-कॉपी ले लेता था। उन पर कुछ लिख देता था। मगर, आठ दिन से बहन ने उससे झगड़ा बंद कर दिया था। बोलती थी कि पढ़ लिखकर कुछ बनना है।
मृतका की बहन से पूछताछ करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले भगवान
सृष्टि ने अपनी कापी में एक जगह लिखा था कि सबसे पहले भगवान। पुलिस मान रही है कि मां ने बेटी को यह कहकर तैयार किया होगा कि सबसे पहले भगवान हैं। उनके पास चलेंगे। वहां कोई दुख नहीं होगा।
मायके से नहीं आए परिजन
गीता ने सोनू से प्रेम विवाह किया था। इस कारण गीता से उसके परिजन नाराज थे। परिवार के लोगों का कहना है कि बेटी की मौत की खबर पर भी मायके से कोई नहीं आया।