फ्रांस की मेट्रो रेल कंपनी एलस्टॉम ने गुजरात गुजरात स्थित सावली प्लांट में आगरा और कानपुर के लिए मेट्रो ट्रेनों का निर्माण शुक्रवार से शुरू कर दिया है। आगरा के लिए 28 मेट्रो ट्रेन बनेंगी। प्रत्येक ट्रेन में तीन कोच होंगे और डबल इंजन होगा। आगरा के लिए कुल 84 कोच बनेंगे।
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आगरा में मेट्रो: मेट्रो के लिए होता कार्य
- फोटो : अमर उजाला
आगरा मेट्रो रेल परियोजना के निदेशक अरविंद राय ने बताया कि जून, 2020 में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने कनाडा की बॉम्बार्डियर ट्रांसपोर्टेशन से 67 ट्रेनों (39 कानपुर और 28 आगरा) के निर्माण के लिए करार किया था। जनवरी, 2021 में फ्रांस की कंपनी एलस्टॉम ने बॉम्बार्डियर की मेट्रो विंग को खरीद लिया। जो काम पहले बॉम्बार्डियर को करना था अब वह एलस्टॉम कर रही है। ट्रेनों के जल्द निर्माण के लिए बीते सप्ताह यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव और एलस्टॉम अधिकारियों के बीच बैठकें हो चुकी हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
दो इंजन और एक कोच होगा
प्रत्येक मेट्रो ट्रेन में तीन कोच होंगे। जिनमें आगे और पीछे दो इंजन (ड्राइविंग मोटर कार) और बीच में एक कोच (ट्रेलर कार) होगी। मेट्रो ट्रेन पर लाल अक्षरों में इसकी निर्माता कंपनी का नाम लिखा होगा। पहले से तय डिजाइन के मुताबिक ट्रेनों का निर्माण होगा। ट्रेन के अलावा एलस्टॉम को कम्बाइंड रोलिंग स्टॉक, ट्रेन कंट्रोल एंड सिग्नलिंग सिस्टम की आपूर्ति भी करनी है। कानपुर के लिए 39 ट्रेन (117 कोच) बनेंगे। यूपीएमआरसी अधिकारी ने बताया कि नवंबर, 2021 तक कानपुर में 8 किमी ट्रैक पर मेट्रो का ट्रॉयल प्रस्तावित है। एलस्टॉम को ट्रायल के लिए 4 से 5 ट्रेन नवंबर, 2021 तक यूपीएमआरसी को उपलब्ध करानी हैं।
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आगरा मेट्रो का काम शुरू
- फोटो : अमर उजाला
यूरोपियन बैंक से 5406 करोड़ रुपये का ऋण
मेट्रो परियोजना के लिए 50 फीसदी पैसा यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक (ईआईबी) से जुटाया जा रहा है। बाकी 50 फीसदी में 25 फीसदी केंद्र और 25 फीसदी राज्य सरकार की भागीदारी है। बॉम्बार्डियर से करार के बाद जुलाई, 2020 में ही यूरोपियन बैंक 5,406 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत कर चुका है। इसमें 2,051 करोड़ रुपये 67 मेट्रो ट्रेनों के निर्माण के लिए एलस्टॉम को मिलेंगे।
आगरा मेट्रो: पिलर के लिए मशीन से होती खोदाई
- फोटो : अमर उजाला
बॉम्बार्डियर ने पछाड़ी थी चीनी कंपनी
मेट्रो रेल निर्माण के लिए चीनी कंपनियों ने भी दावेदारी की थी लेकिन भारत और चीन के बीच तनाव के बाद बॉम्बार्डियर ने चीनी कंपनियों को पछाड़ कर रॉलिंग स्टॉक के टेंडर हासिल किए थे।