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मैनपुरी नवोदय छात्रा की मौत का मामला: सुराग जुटाने की हर कोशिश, एडीजी ने दीवार फांदकर अंदर घुसाए सिपाही

Mon, 20 Sep 2021 04:40 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
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मैनपुरी नवोदय विद्यालय के छात्र की मौत का मामला: जवाहर नवोदय विद्यालय में छानबीन करती एसआईटी टीम - फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी पहुंचने के बाद रविवार को एसआईटी दोबारा भोगांव स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में जांच के लिए पहुंची। इस बार एडीजी ने विद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल के पीछे जाकर सिपाहियों को दीवार फांदकर अंदर घुसाया। साथ ही पीछे खेतों में भी सुराग तलाशे। लगभग एक घंटे छानबीन के बाद टीम वापस कैंप कार्यालय लौट गई। नवोदय की छात्रा के कथित मौत के मामले में एसआईटी सुराग जुटाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। रविवार को दोपहर 12 बजे से एसआईटी जिले में आने के बाद दूसरी बार नवोदय पहुंची। इस बार गेट पर ही गाड़ियों को छोड़ टीम ने खेतों का रास्ता लिया। विद्यालय के किनारे से खेतों में होते हुए एडीजी भानु भास्कर समेत अन्य अधिकारी नवोदय विद्यालय के पीछे पहुंचे। विद्यालय परिसर में बने गर्ल्स हॉस्टल (जहां छात्रा का शव मिला था) के ठीक पीछे टीम पहुंची। यहां एडीजी के आदेश पर बाहरी दीवार कूदकर सिपाही अंदर दाखिल हुए। एक नहीं तीन-तीन सिपाहियों को दीवार फांदकर अंदर दाखिल कराया गया।  
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मैनपुरी: जवाहर नवोदय विद्यालय के पीछे एडीजी की एसआईटी टीम - फोटो : अमर उजाला
कहीं न कहीं एडीजी और टीम ये जानने की कोशिश कर रही थी, कि कोई बाहरी व्यक्ति हॉस्टल तक पहुंच सकता है या नहीं। या कोई व्यक्ति दीवार कूदकर बाहर जा सकता है। सिपाहियों के दीवार कूदने के बाद ये बात साबित हो गई कि ऐसा संभव है। लगभग 30 मिनट तक खेतों और दीवार के आसपास छानबीन के बाद टूटी दीवार के रास्ते सभी नवोदय विद्यालय में दाखिल हुए। नवोदय विद्यालय में स्टाफ से पूछताछ के बाद दोपहर एक  बजे के करीब एसआईटी मैनपुरी स्थित कैंप कार्यालय लौट गई। 
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जवाहर नवोदय विद्यालय भोगांव, मैनपुरी। - फोटो : अमर उजाला
एसआईटी ने लगाई सवालों की झड़ी 
रविवार को लगभग आधे घंटे तक एसआईटी ने शिक्षकों और प्रधानाचार्य से पूछताछ की। इस दौरान एसआईटी ने एक के बाद एक सवालों की झड़ी लगा दी। छात्रा के व्यवहार से लेकर उससे मिलने जुलने वाले लोगों और शिक्षकों के साथ उसके संबंधों तक गहराई से पूछताछ की। 

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मैनपुरी छात्रा की मौत का मामला: एसआईटी ने शुरू की जांच - फोटो : अमर उजाला
हॉस्टल से झांकते रहे छात्र-छात्राएं 
रविवार को अवकाश था। विद्यालय में उपस्थित कक्षा नौ से 12 तक के तकरीबन 170 छात्र-छात्राएं अपने हॉस्टल में थे। एसआईटी टीम और बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा तो छात्र-छात्राएं हॉस्टल से झांकते नजर आए। हालांकि रविवार को किसी भी छात्र-छात्रा से पूछताछ नहीं की गई। 
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नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में मिला था शव - फोटो : अमर उजाला
छात्रा की मौत के बाद से बंद है 24 बेड का छात्रावास
जवाहर नवोदय विद्यालय के जिस छात्रावास में छात्रा का शव फंदे पर लटका मिला था वह बीते दो साल से बंद पड़ा है। डर के चलते यहां रहने के लिए छात्राएं तैयार नहीं होती हैं। विद्यालय प्रशासन के प्रयास के बाद अब तक इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है। विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास हैं। छात्राओं के छात्रावास के एक बैरक में दो साल पहले एक छात्रा का शव फंदे पर लटकता मिला था। इसके अगले दिन से ही यहां रहने वाली 24 छात्राओं ने छात्रावास खाली कर दिया था। उन्हें दूसरे हिस्से में शिफ्ट किया गया था। तब से ये छात्रावास बंद पड़ा हुआ है। डर के मारे कोई भी छात्रा यहां रहने के लिए तैयार नहीं है। कई बार विद्यालय प्रशासन ने समझाया कि छात्रावास में डरने जैसी कोई बात नहीं है। सुरक्षा के इंतजाम भी हैं, लेकिन फिर भी कोई तैयार नहीं है। अगर इस वर्ष छात्राओं की संख्या बढ़ती है तो 24 बेड की कमी नवोदय विद्यालय प्रशासन के लिए मुसीबत बन सकती है। 
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ट्रांजिस्ट हॉस्टल को बनाया कैंप कार्यालय - फोटो : अमर उजाला
नवोदय प्रशासन बढ़ा रहा मनोबल 
विद्यालय में कक्षा छह से लेकर कक्षा 12 तक के छात्र-छात्राएं रहते हैं। कक्षा छह से लेकर कक्षा नौ तक के छात्रों की उम्र दस वर्ष से 13 वर्ष तक होती है। ऐसे में उनकी मनोस्थिति काफी कमजोर होती है। हालांकि वर्तमान में केवल कक्षा नौ से कक्षा 12 तक के ही छात्र-छात्राएं नवोदय में बुलाए गए हैं। उन्हें नवोदय प्रशासन जागरूक कर उनका मनोबल बढ़ा रहा है। उन्हें किसी भी प्रकार के भय से मुक्त करने के लिए हर संभव प्रयास हो रहा है। 

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