मरियप्पन थंगवेलु ने रियो पैरांलंपिक में भारत के लिए हाई-जंप में गोल्ड मेडल जीता है। मरियप्पन ने 1.89 मीटर की छलांग लगा कर देश के लिए इतिहास रच दिया। मरियप्पन ने टी-42 हाई-जंप में गोल्ड जीतकर इस पैरालंपिक में देश के लिए पहला पदक जीता। जानते हैं गोल्ड जीतने वाले मरियप्पन के बारे में कुछ खास बातें:
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मां साइकिल पर बेचती है सब्जियां, बेटे ने जीता ‘ओलंपिक’ गोल्ड
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मरियप्पन
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मरियप्पन का जन्म तमिलनाडु के पेरियावदमगट्टी गांव में हुआ, जो सेलम से करीब 50 किलोमीटर दूर है। उनकी मां साइकिल पर सब्जियां बेचती हैं।
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कुछ साल पहले मरियप्पन की मां ने उनके इलाज के लिए 3 लाख रुपए का लोन लिया था। वो आज तक इस लोन को नहीं चुका पाई हैं।
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मरियप्पन सेलम में किराए के घर में रहते हैं। 500 रुपए का किराया देने वाले मरियप्पन बीबीए की पढ़ाई के बाद अब जॉब की तलाश में हैं।
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मरियप्पन के पिता कई साल पहले परिवार को छोड़ कर चले गए थे। इसके बाद वो कभी लौटकर नहीं आए और मरियप्पन के परिवार के लिए दिक्कतें और बढ़ गईं।
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पांच साल की उम्र में मरियप्पन एक हादसे का शिकार हो गए थे, जिसके चलते उन्हें अपना पैर गंवाना पड़ा। बहन को बचाते समय एक ट्रक उनके पैर के ऊपर से गुजर गया।
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मरियप्पन को शुरुआत में वॉलीबॉल में दिलचस्पी थी। अपनी हालत के बावजूद वो स्कूल में वॉलीबॉल खेलते थे। मगर बाद में उनकी टीचर ने उन्हें हाई-जंप के लिए प्रेरित किया।
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मरियप्पन ने 14 साल की उम्र में सामान्य खिलाड़ियों को हराकर सिल्वर मेडल जीता। 2015 में मरियप्पन वर्ल्ड नंबर वन बने।