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चाणक्य नीति: व्यक्ति को हर स्थान पर मान-सम्मान दिलाते हैं ये श्रेष्ठ गुण

Wed, 23 Jun 2021 10:57 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

श्रेष्ठ गुणों से परिपूर्ण व्यक्ति अपने जीवन में सफलता और सम्मान दोनों ही प्राप्त करता है। यदि जीवन में मान-सम्मान और सफलता प्राप्त करनी है तो इन बातों को अपने जीवन में उतार लें। 
 
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ विद्वान, महान विभूति और योग्य शिक्षक थे। ये राजनीति, कुटनीति में कुशल होने के साथ ही एक महान अर्थशास्त्री भी थे। विभिन्न विषयों की का गहरा ज्ञान होने के कारण इन्हें कौटिल्य और विष्णु गुप्त के नाम से भी जाना जाता था। इन्होंने अपने गहन अध्ययन,ज्ञान और जीवन से प्राप्त अनुभव को ग्रंथों में पिरोया है। इनके द्वारा लिखी गई चाणक्य नीति व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती हैं। नीति शास्त्र की बातें मनुष्य के जीवन के विभिन्न पहलुओं धन, रिश्ते, शत्रु, कार्यक्षेत्र और सामाजिक जीवन पर प्रकाश डालती हैं। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति के भीतर की अच्छी और बुरी आदते ही समाज में उसकी छवि का निर्माण करती हैं इसलिए व्यक्ति को अपनी आदतों को लेकर सदैव गंभीर रहना चाहिए। चाणक्य नीति कहती हैं कि व्यक्ति को सदैव बुरी आदतों का त्याग करना चाहिए और श्रेष्ठ गुणों को अपने में समाहित करना चाहिए। श्रेष्ठ गुणों से परिपूर्ण व्यक्ति अपने जीवन में सफलता और सम्मान दोनों ही प्राप्त करता है। यदि जीवन में मान-सम्मान और सफलता प्राप्त करनी है तो इन बातों को अपने जीवन में उतार लें। तो चलिए जानते हैं कि कौन से हैं वे श्रेष्ठ गुण
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
अच्छी संगति
संगति व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। व्यक्ति जिस तरह की संगति में रहता है उसके ऊपर उसका व्यापक प्रभाव अवश्य पड़ता है, इसलिए आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को अपनी संगति पर विशेष ध्यान देना चाहिए। गलत लोगों से सदैव दूरी बनाकर रखनी चाहिए और ज्ञानी व सज्जन लोगों की संगति में रहना चाहिए। जो लोग अच्छी संगति में रहते हैं वे अपने जीवन में सफलता और सम्मान दोनों प्राप्त करते हैं। 
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
मधुर वाणी
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को सदैव मधुर वाणी बोलनी चाहिए। मधुर वाणी हर किसी को प्रभावित करते है। मधुर वाणी से शत्रु को भी मित्र बनाया जा सकता है। जो लोग सभी से मधुरता के साथ बात करते हैं, उन्हें हर जगह मान-सम्मान प्राप्त होता है। निजी जीवन हो या कार्यक्षेत्र ये लोग सभी के प्रिय होते हैं इसलिए ऐसे लोग अपने जीवन में सफलता भी जल्दी हासिल कर लेते हैं।

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
विनम्रता है श्रेष्ठ गुण
चाणक्य नीति के अनुसार व्यक्ति को सदैव अपना व्यवहार नम्र रखना चाहिए। जो लोग सभी के साथ विनम्रता पूर्वक व्यवहार करते हैं, वे हर जगह सम्मान पाते हैं। ऐसे लोग अपने कार्यस्थल पर भी सभी के प्रिय होते हैं। विनम्रता व्यक्ति को हर कोई सहयोग करने के लिए तत्पर रहता है। यही कारण है कि ऐसे लोग अपने जीवन में कार्य और व्यवहार के बल पर सफलता भी प्राप्त कर लेते हैं। सफलता प्राप्त करने के बाद भी व्यक्ति को अपने स्वभाव में विनम्रता बनाए रखनी चाहिए।  
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
धर्म का मार्ग
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो लोग धर्म के मार्ग पर चलते हैं वे हर स्थान पर सम्मान प्राप्त करते हैं। धर्म के मार्ग पर चलने वालों को सफलता भले ही देरी से मिले लेकिन ऐसी सफलता व्यक्ति को खूब सम्मान दिलाती है और लंबे समय तक रहती है। कुछ लोग भले ही गलत कार्यों या झूठ से सफलता प्राप्त कर लेते हैं लेकिन ऐसी सफलता ज्यादा दिनों तक नहीं टिकती है और एक दिन सत्य सबके सामने आने पर मान-सम्मान भी चला जाता है इसलिए किसी भी परिस्थिति में व्यक्ति के धर्म के मार्ग से नहीं हटना चाहिए। 
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