महान ग्रह बुध कर्क राशि की यात्रा समाप्त करके सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं जहां ये 26 अगस्त को दोपहर 11 बजकर 18 मिनट तक भ्रमण करेंगे, उसके बाद कन्या राशि में प्रवेश कर जाएंगे। मिथुन एवं कन्या राशि के स्वामी बुध मीन राशि में नीचराशिगत तथा कन्या राशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं। जिन जातकों की जन्म कुंडली में बुध ग्रह लग्न भाव के होते हैं वह व्यक्ति आकर्षक और स्वभाव से तर्कसंगत और कुशल वक्ता होते हैं। ज्योतिष शास्त्र में बुध को सूर्य के समान तेजस्वी दिव्य पीतांबरधारी, संपूर्ण आभूषणों से विभूषित, अर्थशास्त्रों के ज्ञाता, उत्कृष्ट बुद्धि संपन्न, मधुर वाणी बोलने वाले महान गणितज्ञ माना गया है। सूर्यदेव के साथ इनकी युति होने से बुधादित्य योग बनता है।इनके राशि परिवर्तन का सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।