अखंड सौभाग्य की कामना का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी यानि आज मनाया जाएगा। करवाचौथ पति-पत्नी के बीच समर्पण, प्यार और अटूट विश्वास का त्योहार है । रविवार और मंगलवार को पड़ने वाली चतुर्थी अंगारक चतुर्थी कहलाती है, इसलिए इस दिन गणेशजी की आराधना के लिए बेहद खास है। इस दिन सुहागन महिलाऐं यह उपवास अपने पति के प्रति समर्पित होकर उनके लिए उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं जन्म-जन्मांतर तक पुनः पति रूप में प्राप्त करने के लिए मंगल कामना करती हैं। दिन में महिलाएं कथा सुनने के बाद सूर्यदेव को अर्घ्य देती हैं। प्रेम, त्याग व विश्वास के इस अनोखे महापर्व पर मिट्टी के बर्तन यानि करवे की पूजा का विशेष महत्व है, जिससे रात्रि में चंद्रदेव को जल अर्पण किया जाता है। नारदपुराण के अनुसार महिलाएं सोलह श्रृंगार कर सांयकाल में भगवान शिव-पार्वती, स्वामी कर्तिकेय, गणेश एवं चंद्रमा का विधिपूर्वक पूजन करते हुए नैवेद्य अर्पित करें।