हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत किया जाता है। सुहागिन स्त्रियों के लिए ये व्रत बहुत ही खास होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु की कामना के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं प्रातः सूर्योदय से पहले उठकर सरगी खाती हैं और इसके बाद पूरे दिन निर्जला उपवास करती हैं। इस दिन शाम के समय महिलाएं सोलह श्रंगार करती हैं। चद्रंमा निकलने के बाद दर्शन करके अर्घ्य दिया जाता है और इसके बाद करवा चौथ के व्रत का पारण किया जाता है। तो चलिए जानते हैं इस बार कब है करवा चौथ क्या है महत्व और व्रत पूजन विधि।