हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में दो एकादशी तिथि आती हैं, एक शुक्ल पक्ष में तो दूसरी कृष्ण पक्ष में। प्रत्येक एकादशी तिथि भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन भगवान विष्णु का पूजन कर नियम पूर्वक व्रत करना चाहिए। सनातन धर्म में एकादशी व्रत को सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना गया है। अश्विन मास में शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी तिथि को पापकुंशा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार पापकुंशा एकादशी 16 अक्टूबर दिन शनिवार को पड़ रही है। मान्यतानुसार इस व्रत को करने से पापों का प्रायश्चिच होता है और व्यक्ति इस लोक के सुखों को भोगते हुए मोक्ष को प्राप्त करता है। जानते हैं पापकुंशा एकादशी पारणा मुहूर्त, महत्व और पूजन की विधि।