प्रत्येक वर्ष दिवाली से दो दिन पहले धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। हिंदी पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व पड़ता है। इसे धन त्रयोदशी या फिर धन्वंतरि जयंती के रूप में भी जाना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इस दिन मां लक्ष्मी, कोषाध्यक्ष कुबेर और भगवान धन्वंतरि का पूजन किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पूजन करने से घर में धन के भंडार हमेशा भरे रहते हैं और धन-संपदा में वृद्धि होती है। धनतेरस के दिन नई चीजें खरीदने की परंपरा भी है। इस पर्व को धन-समृद्घि दायक माना गया है।