सभी ग्रहों में राजकुमार की पदवी पाने वाले सौरमंडल के सबसे छोटे ग्रह बुध 26 अगस्त 2021 से सिंह राशि को छोड़कर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषशास्त्र में बुध ग्रह एक तटस्थ ग्रह माने जाते हैं। वैदिक ज्योतिषशास्त्र में बुध ग्रह को वाणी, बुद्धि, तर्क, व्यापार और मित्र का कारक माना जाता है। ज्योतिष के मुताबिक सूर्य और शुक्र, बुध के मित्र हैं जबकि चंद्रमा और मंगल इसके शत्रु ग्रह हैं। 26 अगस्त को दोपहर 11 बजकर18 पर सिंह राशि की यात्रा समाप्त करके कन्या राशि में प्रवेश कर रहे हैं। कन्या राशि में बुध ग्रह 22 सितंबर तक गोचर करेंगे उसके बाद तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे। जिन जातकों की जन्मकुंडली में बुध केंद्र व त्रिकोण में गोचर कर रहे होंगे उनके लिए तो अतिशुभ फल प्रदान करेंगे किन्तु जिनकी जन्मकुंडली के अशुभ भाव में गोचर करेंगे उन्हें बहुत अच्छा परिणाम नहीं मिलेगा। आइए जानते है सभी राशियों पर बुध के गोचर का प्रभाव और कुंडली के सभी 12 भावों में बुध ग्रह किस तरह के परिणाम देते हैं।
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राशि
मेष राशि-
राशि से छठे शत्रु भाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव काफी मिलाजुला रहेगा। प्रथम भाव में बुध ग्रह का फल
जन्म कुंडली के इस भाव में बुध का रहना अतिशुभ माना गया है। अपनी राशि में रहने पर ये जातक को बुद्धि, वाक्चातुर्यता तथा शारीरिक सुन्दरता देते हैं।
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राशि
वृषभ राशि-
राशि से पंचम विद्या भाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। द्वितीय भाव बुध ग्रह का फल
जन्मकुंडली के इस भाव में विराजमान बुध जातक को बुद्धिमान, कुशल वक्ता तथा अपनी योजनाओं को फलीभूत करवाने वाला बनता है। ऐसा जातक खोया हुआ धन प्राप्त करता है।
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मिथुन
मिथुन राशि-
राशि से चतुर्थ सुखभाव में गोचर करते हुए बुध बेहतरीन शुभ परिणाम दायक रहेंगे। तृतीय भाव बुध ग्रह का फल
जन्म कुंडली के इस भाव में बुध के विराजमान रहने जातक अपने बंधुओं से स्नेह अर्जित करता है। उसके द्वारा लिए गए निर्णय और किए गए कार्यों की सराहना होती है।
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राशि
कर्क राशि-
राशि से तृतीय पराक्रम भाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव साहस और पराक्रम की वृद्धि होगी। चतुर्थ भाव बुध ग्रह का फल
जन्मकुंडली के इसभाव में विराजमान रहने पर बुध व्यक्ति को स्वाभिमानी, कुशल वक्ता, सफल उद्यमी तथा परिश्रमी बनाते हैं। जातक अपने ही बाहुबल पर मकान-वाहन का सुख प्राप्त करता है।
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राशि
सिंह राशि-
राशि से द्वितीय धन भाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव आर्थिक पक्ष मजबूत करेगा। पंचम भाव बुध ग्रह का फल
जन्मकुंडली के इस भाव में विराजमान बुध किसी भी जातक के लिए वरदान से कम नहीं है। यदि ये अपने घर में हों तो ऐसा जातक गायक, संगीतज्ञ, तथा ललित कलाओं का प्रेमी होता है।
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राशि
कन्या राशि-
अपनी स्वयं की राशि में गोचर करते हुए बुध आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। छठे भाव बुध ग्रह का फल
किसी भी जातक की जन्मकुंडली में बुध इस भाव में विराजमान हों तो उसके जीवन में मिश्रित फल घटता हुआ दिखाई देता है।
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राशि
तुला राशि-
राशि से बारहवें हानिभाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव काफी मिलाजुला रहेगा हो सकता है। सप्तम भाव बुध ग्रह का फल
जन्मकुंडली के इसभाव में विराजमान बुध अति शुभ फल देते हैं। जातक व्यापार के क्षेत्र में अच्छी सफलता हासिल करते हैं। दांपत्य जीवन सुखद रहता है किंतु शनि के साथ ही यदि यहां विराजमान हों तो उनके फल अच्छे नहीं रहते।
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राशि
वृश्चिक राशि-
राशि से एकादश लाभभाव में गोचर करते हुए बुध आयके एक से अधिक साधन बनाएंगे। अष्टम भाव बुध ग्रह का फल
जन्मकुंडली के इसभाव में विराजमान बुध का फल काफी मिला-जुला रहता है, ऐसे लोगों को कहीं न कहीं स्वास्थ्य संबंधी समस्या जैसे चर्मरोग, एलर्जी, हड्डी और पेट से संबंधित समस्याओं से जूझना पड़ता है।
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राशि
धनु राशि-
राशि से दशम कर्म भाव में गोचर करते हुए बुध पूर्ण भद्र योग का निर्माण करेंगे फलस्वरूप नौकरी में पदोन्नति तथा नए अनुबंध की प्राप्ति के योग बनेंगे। नवम भाव बुध ग्रह का फल
किसी भी जातककी जन्मकुंडली के इसभाव में विराजमान बुध का फल बेहतरीन सफलता देता है। ऐसा व्यक्ति धर्म-कर्म में रुचि वाला धार्मिक ग्रंथों का संपादन करने वाला, प्रकाशक और कुशल वक्ता होता है।
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राशि
मकर राशि-
राशि से नवम भाग्य भाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव आपके लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। दशम भाव बुध ग्रह का फल
जन्मकुंडली के इस भाव में विराजमान बुध जातक को अति मिलनसार, न्यायिक प्रक्रिया का पालन करने वाला, कुशल प्रशासक और समाजसेवी बनाते हैं।
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राशि
कुंभ राशि-
राशि से अष्टम आयु भाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव काफी मिलाजुला रहेगा। एकादश भाव बुध ग्रह का फल
जन्मकुंडली के इसभाव में विराजमान बुध जातक को बहुमुखी प्रतिभा का धनी बनाते हैं। व्यक्ति नौकरी करें या व्यापार सफलताओं के शिखर तक पहुंचता है। कुशल गणितज्ञ, ज्योतिषी, न्यायिक प्रक्रिया में रुचि रखने वाला, लेखन तथा प्रकाशन के क्षेत्र में अच्छी ख्याति अर्जित करता है।
मीन राशि-
राशि से सप्तम भाव में गोचर करते हुए बुध जीवन में मधुरता लाएंगे।
द्वादश भाव बुध ग्रह का फल
जन्मकुंडली के इस भाव में विराजमान बुध का फल बड़ा अप्रत्याशित रहता है ऐसे व्यक्ति के जीवन में उतार-चढ़ाव की अधिकता रहती है।