फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sawan Pradosh Vrat: सावन का पहला प्रदोष व्रत आज, इस शुभ मुहूर्त में करें शिव जी की पूजा

Tue, 22 Jul 2025 06:32 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ल

सार

सावन का पहला प्रदोष व्रत 22 जुलाई को मनाया जाएगा। इस बार यह व्रत मंगलवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं इस दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या करने वाला है। 
विज्ञापन
1 of 5
सावन का पहला प्रदोष व्रत - फोटो : freepik
Sawan Pradosh Vrat 2025 Shubh Muhurt; प्रदोष व्रत हर महीने दो बार आता है, एक शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को और दूसरा कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी पर। यह व्रत पूरी तरह से भगवान शिव को समर्पित होता है। इस समय सावन मास चल रहा है, और सावन में इस व्रत का महत्व और भी बढ़ जाता है। सावन का पहला प्रदोष व्रत 22 जुलाई को मनाया जाएगा। इस बार यह व्रत मंगलवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं इस दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या करने वाला है। 
 

Shiv Ji Ki Puja: शिवलिंग पर नहीं चढ़ाए जाते ये पांच फल, नाराज हो सकते हैं भोलेनाथ

Sawan Somwar Vrat 2025: गलती से टूट जाए सावन सोमवार का व्रत, तो करें ये उपाय

Shiv Puran Upay: भगवान शिव के दर्शन पाने के लिए करें शिवपुराण के ये उपाय, होगी हर कामना पूरी

Hariyali Teej 2025 Puja: घर पर इस विधि से करें हरियाली तीज की पूजा, मिलेंगे विशेष फल


 
विज्ञापन

2 of 5
भौम प्रदोष व्रत का महत्व - फोटो : adobe stock
भौम प्रदोष व्रत का महत्व
भौम प्रदोष व्रत के दिन शिवजी की आराधना करने से जीवन की कई बाधाएं दूर होती हैं। विशेष रूप से मांगलिक दोष से ग्रस्त जातकों के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी होता है। इसके अतिरिक्त करियर से जुड़ी रुकावटें भी इस व्रत से कम हो सकती हैं। साथ ही हनुमान जी की कृपा भी साधक को प्राप्त होती है।

Shiv Ji Ki Puja: शिव जी की पूजा में भूलकर भी इस्तेमाल न करें ये चीजें, नाराज हो सकते हैं भोलेनाथ
Sawan 2025: श्रावण मास में भगवान श्री कृष्ण की पूजा का महत्व, मिलता है वरदान
विज्ञापन

3 of 5
Pradosh Vrat in july 2024 - फोटो : अमर उजाला
प्रदोष व्रत का तिथि और मुहूर्त
दृक पंचांग के अनुसार इस साल सावन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 22 जुलाई को सुबह 7:05 बजे होगा और यह तिथि 23 जुलाई को सुबह 4:39 बजे तक मान्य रहेगी। प्रदोष व्रत का पालन 22 जुलाई को ही किया जाएगा।

पूजा का शुभ मुहूर्त
इस दिन पूजा के लिए प्रदोष काल का समय शाम 7:18 बजे से रात 9:22 बजे तक शुभ रहेगा। साथ ही दिन के अन्य शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:14 से 4:56 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:55 बजे तक

4 of 5
प्रदोष व्रत में क्या अर्पित करें? - फोटो : adobe
प्रदोष व्रत में क्या अर्पित करें?
इस दिन शिवजी को उनके प्रिय भोग अर्पित करना चाहिए, जैसे खीर, बर्फी, मालपुआ, ठंडाई और भांग। शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, शमी और कनेर के फूल भी चढ़ाएं। मान्यता है कि इन भोग और पुष्पों से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर कृपा करते हैं।

Nag Panchami 2025: क्यों मनाई जाती है नाग पंचमी? जानिए पूजा विधि और महत्व
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
इन बातों का रखें विशेष ध्यान - फोटो : अमर उजाला
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
इस दिन तामसिक भोजन से परहेज करें। नमक का सेवन न करना श्रेष्ठ माना जाता है। पूजा में तुलसी के पत्ते, नारियल का टुकड़ा, टूटे चावल, और केतकी के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए। ये सभी वस्तुएं शिव पूजा में वर्जित मानी गई हैं।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें