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वसंत पंचमी 2024: नौकरी, व्यापार या हो शिक्षा हर जगह मिलेगी सफलता, बस इस दिशा में करें सरस्वती यंत्र की स्थापना

Sun, 11 Feb 2024 07:58 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सरस्वती यंत्र कहां रखना चाहिए - फोटो : अमर उजाला
Where Should Saraswati Yantra Be Placed: माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है की इस दिन देवी सरस्वती प्रकट हुई थीं। इसीलिए यह दिन सरस्वती पूजा के लिए काफी महत्वपूर्ण है। वसंत पंचमी के दिन अगर आप सरस्वती पूजा करते हैं तो इस दिन सरस्वती यंत्र की स्थापना करना आपके लिए काफी लाभकारी रहेगा। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि शिक्षा में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो सरस्वती यंत्र की स्थापना करना उत्तम माना जाता है। कहते हैं कि इसकी साधना करने से मां सरस्वती की विशेष कृपा होती है। आइए जानते हैं कि सरस्वती यंत्र क्या है और इसे किस दिशा में स्थापित करना शुभ होता है।

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सरस्वती यंत्र कहां रखना चाहिए - फोटो : amar ujala
क्या है सरस्वती यंत्र?
सरस्वती यंत्र व्यक्ति के भीतर बौद्धिक शक्ति, एकाग्रता और ज्ञान भावना को जागृत करता है। देवी सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए इस यंत्र की उपासना करनी चाहिए। अगर आपका मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है, आपकी याददाश्त कमजोर है या एकाग्रता की कमी है, तो इस यंत्र को धारण करने की सलाह दी जाती है। इस यंत्र के प्रभाव से परीक्षा में अच्छे अंक की प्राप्ति हो सकती है। इसके अलावा सरस्वती यंत्र को घर में स्थापित करने से कार्यक्षेत्र और कारोबार में भी सफलता मिल सकती है।
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सरस्वती यंत्र कहां रखना चाहिए - फोटो : amar ujala
सरस्वती यंत्र स्थापित करने की दिशा 
सरस्वती यंत्र की स्थापना करते समय दिशा का ध्यान रखना आवश्यक है। इसे घर की उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। यंत्र की नोक को पूर्व दिशा की तरफ ही रखना चाहिए। इसकी स्थापना से न सिर्फ ग्रह दोष दूर होता है बल्कि कार्यक्षेत्र और कारोबार में भी सफलता मिल सकती है। इसलिए इसे घर की इस दिशा में ही स्थापित करना शुभ होता है। 

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सरस्वती यंत्र कहां रखना चाहिए - फोटो : अमर उजाला
सरस्वती यंत्र की स्थापना विधि 
  • वसंत पंचमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर मां सरस्वती का ध्यान करें। 
  • स्नान-ध्यान करने के बाद सरस्वती यंत्र के सामने दीप-धूप प्रज्जवलित करें। 
  • पश्चात श्री सरस्वती यंत्र  को गंगाजल और कच्चे दूध से अभिषेक करें। 
  • अब 11, 21 या 51 बार श्री गायत्री मंत्र 'ॐ वागदैव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्। ' मंत्र का जाप करें। 
  • अब इस यंत्र को उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करें। 
  • रोजाना स्नान के बाद नियमित रूप से यंत्र को धोकर पूजा करनी है, ताकि इसका प्रभाव कम न हो।
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सरस्वती यंत्र कहां रखना चाहिए - फोटो : istock
सरस्वती यंत्र के लाभ 
  • इस यंत्र को स्थापित करने से बौद्धिक और रचनात्मक विकास हो सकता है। 
  • अगर आपके जीवन में किसी भी तरह की परेशानियां आ रही हैं, तो सरस्वती यंत्र की स्थापना करनी चाहिए। 
  •  जिस भी छात्र का मन पढाई में कम लगता है, उसका ध्यान बढ़ाने के लिए इसे प्रयोग में लाया जा सकता है ।
  • कुंडली में मौजूद वो सभी दोष जो व्यक्ति को सफल होने से रोक रहें हैं उन सभी को दूर करने में यह सरस्वती यंत्र अत्यधिक लाभकारी है ।
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